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Latehar : लातेहार पुलिस कप्तान कुमार गौरव से मिली खुली छूट के बाद जिले की पुलिस एक्टिव मोड में आ गयी है। फिर चाहे वह उग्रवादी हो या गैंगस्टर। पुलिस अब किसी को भी बख्शने के मूड में नहीं है। लगातार ऑपरेशन चलाये जे रहे हैं। इसी दौरार बालूमाथ पुलिस ने अमन साहू (अब मृत)/राहुल सिंह गिरोह की कमर की रीढ़ पर कड़ा प्रहार किया है। पुलसि ने एक ऐसे शख्स को धर दबोचा है, जो गिरोह के लिए लेवी वसूलने का काम करता था। इस शख्स का नाम शाहीद अंसारी बताया गया है। वह रांची के आजाद नगर का रहने वाला है और मधुपुर जेल में बंद गिरोह के सदस्य आकाश राय उर्फ मोनू का होने वाला साढ़ू है। पुलिस के अनुसार शाहीद अंसारी गिरोह के लिए लंबे समय से लेवी वसूली का काम कर रहा था।
मनी ट्रेल ने खोला रहस्य
पुलिस ने गिरोह के पैसों के लेनदेन की जांच की तो नवंबर 2024 से अब तक लगभग 50 लाख रुपये रांची से गिरोह के पास भेजे जाने का पता चला। यह पैसा कभी नकद तो कभी ऑनलाइन माध्यम से जमा कराया गया था। जांच में जिस व्यक्ति का नाम सामने आया वह शाहीद अंसारी है। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में शाहीद ने कबूल किया कि वह कई सालों से गिरोह के लिए काम कर रहा था। पुलिस ने उसके पास से एक एंड्रॉइड मोबाइल भी बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है।
नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों का पता लगाने में जुटी पुलिस
शाहिद अंसारी को दबोचने में इंस्पेक्टर परमानंद बिरुआ, बालूमाथ थानेदार अमरेन्द्र कुमार, एसआई गौतम कुमार, अनुभव सिन्हा, होसेन डांग, अमित रविदास और देवेंद्र कुमार की भूमिका सराहनीय रही। यह गिरफ्तारी बालूमाथ थाना कांड संख्या 12/2025 की जांच के दौरान हुई। पुलिस इस मामले में पहले ही सात लोगों को जेल भेज चुकी है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों की पहचान और पैसों के रास्ते का पता लगाने में जुटी है।
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