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Bokaro : इगो और आपसी अदावत जब हद पार कर जाए, तो अंजाम कितना खौफनाक हो सकता है, इसकी मिसाल बना जयंत सिंह अपहरण और हत्या कांड। मामूली रंजिश ने साजिश का रूप लिया और देखते ही देखते एक व्यक्ति की जान चली गई। बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए इगो को ही हत्या की सबसे बड़ी वजह बताया है।
इगो से शुरू हुई साजिश
एसपी हरविंदर सिंह ने मीडिया को बताया कि हरला थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले की जड़ में आपसी अदावत और इगो की टकराहट थी। पुलिस जांच में सामने आया कि जयंत सिंह और मुख्य आरोपी विनोद कुमार उर्फ विनोद खोपड़ी के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी। यही तनाव धीरे-धीरे नफरत में बदला और फिर अपहरण व हत्या की साजिश रची गई।
11 दिसंबर को दर्ज हुआ अपहरण का मामला
11 दिसंबर को जयंत सिंह की पत्नी अमृता सिंह ने हरला थाना में अपने पति के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने विनोद खोपड़ी पर फोन पर धमकी देने और अपहरण का आरोप लगाया। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की।
पांच दिन में टूटी साजिश की परतें
एसपी हरविंदर सिंह के निर्देश पर सिटी डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया। एसआईटी ने कॉल डिटेल, लोकेशन डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। लगातार पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने पांच दिनों के भीतर मुख्य आरोपी विनोद खोपड़ी समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में हत्या की पूरी कहानी सामने आई।
गिरिडीह की घाटी में छिपा था सच
मुख्य आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने अपहृत जयंत सिंह का शव गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र स्थित जलेबिया घाटी से बरामद किया। सुनसान इलाके में शव फेंककर आरोपी खुद को सुरक्षित समझ रहे थे, लेकिन साक्ष्यों ने उन्हें बेनकाब कर दिया।
हत्या में इस्तेमाल सामान भी बरामद
पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त काले रंग की ऑल्टो कार, दो मोबाइल फोन और चार लाठी जब्त की हैं। इन सामानों ने हत्या की पुष्टि और आरोपियों की भूमिका को मजबूत किया।
कौन-कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में विनोद कुमार उर्फ विनोद खोपड़ी, मनोज कुमार उर्फ लूसी, संजय कुमार उर्फ संजय डोम, आनंद कुमार, वरुण कुमार उर्फ वरुण पासवान और संजय सिंह उर्फ कट्टा शामिल हैं।
मास्टरमाइंड का लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी विनोद खोपड़ी का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ बोकारो और आसपास के जिलों में हत्या, अपहरण, रंगदारी और आर्म्स एक्ट समेत 19 से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अन्य आरोपियों के रिकॉर्ड की भी गहन जांच कर रही है।
एसपी का सख्त संदेश
एसपी हरविंदर सिंह ने साफ कहा कि इगो और आपसी दुश्मनी के नाम पर अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
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