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Pakur (Jaydev Kumar) : मोबाइल की एक घंटी और जिंदगी अचानक असुरक्षित लगने लगती है। 21 नवंबर की शाम जब बीजीआर कंपनी के कर्मचारी के फोन पर कॉल आया, तो सामने वाले ने बिना भूमिका बांधे 50 लाख रुपये की मांग रख दी। आवाज में धमकी थी और शब्दों में डर। कुछ पलों में ही कामकाजी जिंदगी, परिवार की सुरक्षा और भविष्य के सवाल सामने खड़े हो गए।
खामोशी नहीं, हिम्मत का रास्ता
ऐसे मामलों में कई लोग डरकर चुप रह जाते हैं, लेकिन इस बार पीड़ित ने पुलिस तक पहुंचने का फैसला किया। अमड़ापाड़ा थाना में शिकायत दर्ज होते ही मामला सिर्फ एक कॉल नहीं रहा, बल्कि कानून की परीक्षा बन गया।
फोन कॉल से सुराग तक
एसपी निधि द्विवेदी के निर्देश पर SIT गठित की गई। तकनीकी शाखा ने कॉल डिटेल खंगाली, नेटवर्क और लोकेशन को जोड़ा गया। हर डेटा एक कहानी बता रहा था। पुलिस धीरे-धीरे उस युवक तक पहुंच रही थी, जिसने खुद को फोन के पीछे सुरक्षित समझ लिया था।
23 साल का निकला आरोपी
गिरफ्तार किया गया आरोपी अजय मुर्मू, उम्र करीब 23 साल। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि रंगदारी की कॉल उसी ने की थी। उसके पास से लावा कंपनी का मोबाइल और एयरटेल का सिम कार्ड बरामद हुआ। कम उम्र में अपराध का रास्ता चुनना उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुआ।
पुराना रिकॉर्ड और कड़ा रुख
पुलिस के अनुसार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस साफ कर चुकी है कि रंगदारी और धमकी जैसे अपराधों पर किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
डर से राहत तक का सफर
गिरफ्तारी की खबर के बाद पीड़ित कर्मचारी और उसके परिवार ने राहत महसूस की। वह डर, जो एक कॉल के साथ शुरू हुआ था, अब कानून की कार्रवाई के साथ खत्म हो चुका था।
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