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Patna : बिहार में आगामी पंचायत आम चुनाव दिसंबर 2026 से पहले कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ कर दिया है कि चुनाव नए सिरे से आरक्षण निर्धारण के बाद ही होंगे। आयोग के संयुक्त निर्वाचन आयुक्त ने बुधवार को यह जानकारी दी और कहा कि सभी पदों का आरक्षण समय पर परा कर लिया जाएगा, ताकि चुनाव में कोई देरी या भ्रम न हो।
पिछला पंचायत चुनाव 2021 में 11 चरणों में हुआ था। निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने दिसंबर 2021 के आखिरी हफ्ते से जनवरी 2022 के पहले सप्ताह तक शपथ ली थी। पंचायती राज अधिनियम के अनुसार, कार्यकाल खत्म होने से पहले नया चुनाव कराना जरूरी है। इसलिए 2026 में कार्यकाल समाप्ति से पहले ही चुनाव संपन्न होंगे।
आरक्षण की प्रक्रिया :
आरक्षण बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 की धारा 13, 38, 65 और 91 के तहत होगा। इसमें शामिल पद हैं :
- ग्राम पंचायत मुखिया और सदस्य
- पंचायत समिति सदस्य
- जिला परिषद सदस्य
- ग्राम कचहरी सरपंच और पंच
नियम के मुताबिक, हर दो लगातार चुनावों के बाद आरक्षण का चक्र बदलता है, जिससे विभिन्न वर्गों को मौका मिलता रहे। आयोग ने सभी जिलों और प्रखंडों को चुनावी तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं। इसमें मतदाता सूची अपडेट करना, कर्मियों की तैनाती, पोलिंग बूथ और सुरक्षा व्यवस्था शामिल है। आरक्षण फाइनल होने के बाद इसे सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी रहें।
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