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Pakur : मुख्य सचिव झारखंड से प्राप्त निर्देश के तहत स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों में विशेष अभिभावक शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को बेहतर शिक्षा देना और स्कूलों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में डीसी मनीष कुमार ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, पाकुड़ और मॉडल विद्यालय, कशीला में आयोजित बैठक में हिस्सा लिया।
छात्राओं और अभिभावकों को किया सम्मानित
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में डीसी ने शत प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाली छात्राओं, उनके अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों और छात्रवृत्ति परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र इकबाल हसन को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई में नियमित उपस्थिति सबसे जरूरी है और इसमें अभिभावकों की भूमिका बेहद अहम होती है।
स्कूलों की सुविधाएं होंगी और बेहतर
उपायुक्त ने बताया कि जिले के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में हॉल का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही शौचालय, खेल मैदान और विद्यालय परिसर में पेवर ब्लॉक का काम भी कराया जाएगा। इन कार्यों से स्कूलों की बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी और छात्राओं को बेहतर माहौल मिलेगा।

ठंड को लेकर अभिभावकों से अपील
डीसी ने अभिभावकों से कहा कि ठंड के मौसम को देखते हुए बच्चों को स्वेटर पहनाकर ही स्कूल भेजें, ताकि वे स्वस्थ रह सकें। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में एलुमनी मीट का आयोजन किया जाएगा, जिससे वर्तमान छात्राओं को पूर्व छात्राओं से प्रेरणा मिल सके। छात्राओं द्वारा लगाई गई विज्ञान प्रदर्शनी की भी उपायुक्त ने सराहना की।
मॉडल विद्यालय कशीला में शैक्षणिक माहौल की प्रशंसा
मॉडल विद्यालय, कशीला के भ्रमण के दौरान उपायुक्त मनीष कुमार ने विद्यालय के अनुशासन, पढ़ाई के माहौल और विद्यार्थियों के प्रदर्शन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय को एक आदर्श मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा।
बाउंड्री वॉल और अन्य कार्य जल्द
उपायुक्त ने बताया कि मॉडल विद्यालय परिसर में बाउंड्री वॉल, पेवर ब्लॉक और अन्य जरूरी सुविधाओं का विकास जल्द कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों का अच्छा प्रदर्शन शिक्षकों और अभिभावकों के मिलेजुले प्रयास का नतीजा है।

अभिभावक शिक्षक सहभागिता पर जोर
डीसी ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों से नियमित बातचीत करें, उनकी पढ़ाई और रुचियों को समझें। शिक्षा पर होने वाले खर्च को उन्होंने भविष्य में किया गया निवेश बताया। उन्होंने कहा कि हर बच्चे में कोई न कोई प्रतिभा होती है, जरूरत है उसे पहचानने और सही दिशा देने की।
शिक्षा को लेकर जिला प्रशासन प्रतिबद्ध
अंत में डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने और स्कूलों को सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विशेष अभिभावक शिक्षक बैठक से उपस्थिति बढ़ेगी, ड्रॉपआउट कम होगा और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम साफ नजर आएंगे।
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