अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Garhwa (Nityanand Dubey) : सुबह की ठंडी धूप में बेलचंपा के एसआईएस (SIS) लिमिटेड के केंद्रीय प्रशिक्षण केंद्र का मैदान प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण हलचल से गूँज रहा था। चारों ओर सफाई और अनुशासन का असर साफ नजर आ रहा था। 27 दिसंबर की इस सुबह देशभर से आए लगभग 350 प्रशिक्षु अपने सपनों और चुनौतियों के साथ खड़े थे, जिनमें युवा सुरक्षा कर्मियों की उम्मीद और निश्चय झलक रहा था।
पुलिस कप्तान अमन कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया, और जैसे ही प्रकाश फैला, सभी प्रशिक्षु और अधिकारी एक साथ खड़े होकर नई ऊर्जा का स्वागत कर रहे थे। “यह सिर्फ प्रशिक्षण नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और अनुशासन का अनुभव है,” एसपी अमन कुमार ने अपने संबोधन में कहा।
उद्घाटन समारोह में जीटीओ (GTO) 40वें बैच के अधिकारी कैडर ने परेड और मार्च पास्ट का शानदार प्रदर्शन किया। जब प्रशिक्षुओं ने अपने कदम ताल में मिलाकर मार्च किया, तो दर्शकों के चेहरों पर गर्व और आश्चर्य की झलक साफ दिखाई दी। सुरक्षा और कराटे के क्षेत्र के अनुभवी अधिकारी इस दृश्य को देखकर मुस्कुराते रहे।
जोनल कमांडर रमेश जसवाल ने बताया कि यह चार दिवसीय शिविर 27 से 30 दिसंबर तक चलेगा। उनका कहना था, “यह शिविर जवानों और अधिकारियों के लिए सिर्फ शारीरिक प्रशिक्षण नहीं है। यह उन्हें जीवन की विषम परिस्थितियों में शांत और सतर्क रहने की कला भी सिखाता है। हर तकनीक और अभ्यास का उद्देश्य उनकी सुरक्षा और दूसरों की रक्षा करना है।”
शिविर में शामिल अमिया शंकर, दिनेश कुमार सिंह, समीर बग्गा जैसे वरिष्ठ अधिकारी इस कार्यक्रम की महत्ता को समझते हुए प्रशिक्षुओं के साथ संवाद करते दिखे। हर प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रशिक्षु न केवल कराटे की तकनीक सीख रहे थे, बल्कि आत्म-नियंत्रण, टीम वर्क और मानसिक मजबूती भी प्राप्त कर रहे थे।
प्रशिक्षुओं में से 22 वर्षीय विकास कुमार ने बताया, “जब हम परेड कर रहे थे और पुलिस अधीक्षक की सलामी ली जा रही थी, उस समय गर्व का अनुभव हुआ। यह शिविर हमें सिर्फ कराटे नहीं, बल्कि जीवन में चुनौतियों का सामना करने की ताकत दे रहा है।”
चारों तरफ उत्साह और सीखने की चाह थी। यह शिविर न केवल प्रशिक्षुओं के कौशल को निखार रहा था, बल्कि उनके जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना भी भर रहा था। गढ़वा का यह विंटर कराटे कैंप इसलिए सिर्फ एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक अनुभव बन गया था जो प्रतिभागियों के जीवन में लंबे समय तक याद रहेगा।
इसे भी पढ़ें : IIIT रांची के 370 छात्रों की मेहनत होगी सम्मानित, कब और कहां… जानें



