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Ranchi : मुख्यमंत्री कार्यालय में रविवार को एक अलग ही तस्वीर दिखी। सामने खड़ी थी झारखंड की वही बेटी, जिसने फुटबॉल के मैदान में अपनी मेहनत से पहचान बनाई और गरीबी की सीमाओं को लांघकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंची। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित अनुष्का कुमारी सीएम हेमंत सोरेन से शिष्टाचार भेंट के लिए पहुंची थीं। सीएम हेमंत ने अनुष्का को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं और उसके खेल की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि आप अपने खेल से देश और दुनिया में झारखंड का नाम रोशन करें। सरकार हर कदम पर आपके साथ है। यह शब्द अनुष्का के लिए सिर्फ औपचारिक आश्वासन नहीं थे, बल्कि उस संघर्ष की पहचान थे, जिसे उसने बहुत कम उम्र में जिया है।
जहां हालात मुश्किल थे, वहीं से हौसला निकला
रांची जिले के ओरमांझी प्रखंड स्थित रुक्का गांव की रहने वाली अनुष्का के लिए फुटबॉल महज एक खेल नहीं, बल्कि जिंदगी बदलने का जरिया रहा है। पिता दिलेश मुंडा दिव्यांग हैं और मां दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार चलाती हैं। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर रही, लेकिन सपने मजबूत थे। बड़े भाई फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं और छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है। इन्हीं हालातों के बीच अनुष्का ने फुटबॉल को अपना सहारा बनाया। आज वही अनुष्का फुटबॉल की दुनिया में “द गोल मशीन” के नाम से पहचानी जाती है। लेकिन इस पहचान के पीछे भूखे पेट अभ्यास, सीमित संसाधन और लगातार संघर्ष की लंबी कहानी छिपी है।

सीएम ने दिया भरोसा, गांव को मिलेगा मैदान
सीएम हेमंत सोरेन ने मुलाकात के दौरान अनुष्का के गांव रुक्का में खेल मैदान विकसित करने का निर्देश जिला प्रशासन को दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अनुष्का के परिजनों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी खिलाड़ी की प्रतिभा रुकनी नहीं चाहिए। सरकार का दायित्व है कि ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले।
मैदान से मंच तक, उपलब्धियों की लंबी लिस्ट
अनुष्का की उपलब्धियां उसकी उम्र से कहीं बड़ी हैं। 26 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय वीर बाल दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उसे फुटबॉल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से नवाजा। यह सम्मान उसके संघर्ष की सार्वजनिक स्वीकारोक्ति थी।
सितंबर 2024 में भूटान में आयोजित सैफ अंडर-17 फुटबॉल प्रतियोगिता में विजेता भारतीय टीम की वह प्रमुख खिलाड़ी रही। इस टूर्नामेंट में उसने सबसे ज्यादा सात गोल दागे और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनी। इससे पहले नेपाल में हुई अंडर-16 सैफ फुटबॉल चैंपियनशिप में उप विजेता टीम का भी वह हिस्सा रही। आने वाले मार्च में वह चीन में आयोजित एशियाई अंडर-17 फुटबॉल प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेगी।
सपनों की तैयारी अभी जारी है
फिलहाल अनुष्का आवासीय बालिका फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र, हजारीबाग में अभ्यास कर रही है और इस वर्ष दसवीं की परीक्षा में भी शामिल होगी। उसके लिए पढ़ाई और खेल दोनों बराबर अहम हैं।
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