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Garhwa (Nityanand Dubey) : सुबह का वक्त था। गढ़वा कृषि उत्पादन बाजार समिति में रोज की तरह चहल पहल शुरू हो चुकी थी। कहीं सब्जियों की बोरियां उतर रही थीं तो कहीं किसान अपने माल की सही कीमत मिलने की उम्मीद में मंडी पहुंचे थे। लेकिन इसी रोजमर्रा की भीड़ और शोर के बीच वह तस्वीर भी छिपी थी, जो लंबे समय से अनदेखी की जा रही थी। अवैध कब्जा, अव्यवस्था और नियमों की खुली अवहेलना। मंगलवार को जब सदर SDM संजय कुमार अचानक निरीक्षण के लिए मंडी पहुंचे, तो परत दर परत वह सच्चाई सामने आने लगी, जिसने प्रशासन के साथ साथ आम लोगों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया।
किसानों की जमीन, दूसरों का कब्जा
निरीक्षण के दौरान यह साफ हुआ कि बाजार समिति परिसर की जमीन पर 50 से अधिक लोगों ने अनधिकृत रूप से कब्जा कर रखा है। किसी ने अस्थायी दुकान बना ली है तो किसी ने स्थायी ढांचा खड़ा कर लिया। ये वही जमीन है, जो किसानों के लिए सुविधाएं देने के उद्देश्य से बनाई गई थी। स्थानीय किसानों का कहना है कि अतिक्रमण के कारण उन्हें अपना माल उतारने और बेचने में भारी परेशानी होती है। कई बार जगह के अभाव में किसान मंडी के बाहर ही बैठने को मजबूर हो जाते हैं।
अधूरी सूची और प्रशासन की नाराजगी
बाजार समिति के सचिव राजीव रंजन ने अतिक्रमणकारियों की एक सूची SDM को सौंपी, लेकिन यह सूची पूरी नहीं थी। SDM ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट कहा कि बिना पूरी जानकारी के कार्रवाई संभव नहीं है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अवैध कब्जाधारियों की अद्यतन और विस्तृत सूची जल्द तैयार की जाए।
जब मूत्रालय बना गोदाम
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाला दृश्य तब सामने आया, जब सामुदायिक मूत्रालय के भीतर आलू और प्याज का भंडारण मिला। यह वही स्थान है, जिसे किसानों, मजदूरों और आम लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि लंबे समय से यह मूत्रालय बंद पड़ा था और धीरे धीरे उस पर एक व्यक्ति ने कब्जा कर लिया। कई बार शिकायतें हुईं, नोटिस भी दिए गए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही। इस पर SDM संजय कुमार ने तत्काल मूत्रालय खाली कराने और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया।
राजस्व नुकसान के साथ टूटता भरोसा
SDM ने कहा कि अवैध कब्जों से न केवल मंडी में अराजकता फैल रही है, बल्कि सरकार को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। इससे ज्यादा चिंता की बात यह है कि किसानों का भरोसा टूट रहा है। उन्होंने बाजार समिति को दंडाधिकारी और पुलिस बल की मांग कर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने का निर्देश दिया।
गैर कृषि कारोबार पर भी सवाल
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि मंडी परिसर में कुछ लोग गैर कृषि उत्पादों का कारोबार कर रहे हैं। SDM ने इस पर रिपोर्ट तलब करते हुए कहा कि यह परिसर केवल किसानों और कृषि उत्पादों के लिए है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तय है।
सख्ती से जगी उम्मीद
निरीक्षण के अंत में मंडी परिसर में मौजूद किसानों और छोटे व्यापारियों के चेहरों पर उम्मीद दिखाई दी। उनका कहना है कि अगर प्रशासन इसी तरह सख्ती दिखाए, तो मंडी फिर से अपने असली उद्देश्य की ओर लौट सकती है।
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