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Ranchi : रात के वक्त रांची के कई इलाकों में रोशनी, संगीत और भीड़ से बार गुलजार रहते हैं। लोग दिनभर की थकान उतारने यहां आते हैं। कोई दोस्तों के साथ हंसी बांटने, तो कोई अकेलेपन से बचने। लेकिन बीते कुछ वर्षों में यही जगहें कई परिवारों के लिए ऐसी यादें छोड़ गईं, जिन्हें भुला पाना नामुमकिन है। कहीं मामूली कहासुनी जानलेवा झगड़े में बदल गई, कहीं गाने की फरमाइश पर गोली चल गई और कहीं छेड़खानी ने हिंसा का रूप ले लिया। इन घटनाओं ने न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, बल्कि उन घरों को भी उजाड़ दिया, जिनके लोग कभी लौटकर नहीं आए।
पुलिस के सामने बार-बार दोहराई जाती कहानियां
रांची पुलिस के पास दर्ज मामलों को देखें तो एक पैटर्न साफ दिखता है। बार के अंदर शुरू हुआ विवाद, बाहर सड़क तक पहुंचता है और फिर हालात काबू से बाहर हो जाते हैं। किसी मां ने अपना बेटा खोया, किसी पत्नी का सुहाग उजड़ा, तो कहीं माता-पिता बुढ़ापे में सहारे से वंचित हो गए। एक पुलिस अधिकारी बताते हैं कि कई मामलों में अगर समय रहते सूचना मिल जाती, तो शायद हालात इतने भयावह नहीं होते।
इन्हीं जख्मों के बीच पुलिस की सख्त पहल
इन्हीं घटनाओं को देखते हुए बुधवार को रांची के कोतवाली थाना परिसर में एक अहम बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता एसएसपी राकेश रंजन ने की। उनके सामने शहर के बार संचालक बैठे थे, लेकिन चर्चा सिर्फ नियमों की नहीं थी, बल्कि उन जिंदगियों की थी जो लापरवाही की भेंट चढ़ चुकी हैं। एसएसपी ने साफ शब्दों में कहा कि बार मनोरंजन की जगह हैं, अपराध की नहीं। अगर यहां से हिंसा निकली, तो उसका खामियाजा पूरे शहर को भुगतना पड़ता है।
बाउंसर नहीं, जिम्मेदार सुरक्षा चाहिए
बैठक में सबसे अहम निर्देश यह रहा कि बार में काम करने वाले सभी कर्मचारियों, खासकर बाउंसरों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। पुलिस का मानना है कि कई बार विवाद सुलझाने के बजाय बाउंसर ही आग में घी डाल देते हैं। एक बार संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि अब उन्हें भी समझ आ गया है कि सख्ती सिर्फ पुलिस के लिए नहीं, बल्कि उनकी अपनी सुरक्षा के लिए है।
सूचना देर से मिली तो नुकसान हमेशा का
पुलिस ने यह भी निर्देश दिया कि बार के अंदर किसी भी तरह का झगड़ा, मारपीट या तनाव दिखते ही स्थानीय थाने को तुरंत सूचना दी जाए। कई मामलों में देर से सूचना मिलने के कारण हालात बेकाबू हुए और किसी की जान चली गई। एसएसपी ने कहा कि पुलिस को समय पर खबर मिलेगी तो न झगड़ा सड़क तक पहुंचेगा और न किसी घर का चिराग बुझेंगे।

रांची में बार से जुड़ी प्रमुख हिंसक घटनाएं
पिछले कुछ वर्षों में रांची के विभिन्न थाना क्षेत्रों में बार से जुड़ी कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं…
- लालपुर थाना क्षेत्र में 5 जनवरी 2026 को मून टाउन बार में मारपीट के बाद एक युवक की गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी गई।
- कोतवाली थाना क्षेत्र में 3 दिसंबर 2025 को ग्रेभटी बियर बार में गाना बजाने को लेकर फायरिंग हुई।
- लालपुर में 9 दिसंबर 2023 को कैरो बार में दो पक्षों के बीच मारपीट हुई।
- 22 नवंबर 2025 को अरगोड़ा चौक स्थित लिकर बार और बियर बार में छेड़खानी के बाद मारपीट हुई।
- सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में मॉल ऑफ रांची स्थित लॉड ऑफ ड्रिंक में 22 सितंबर 2024 और 2 फरवरी 2025 को मारपीट की घटनाएं हुईं।
- 27 अक्टूबर 2024 को कचहरी चौक के पास तामाशा बियर बार में जुआ खेलते लोग पकड़े गए।
- 26 मई 2024 को चुटिया थाना क्षेत्र के स्ट्रीम बार में मारपीट के बाद डीजे संचालक संदीप मुखर्जी की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
- सदर रूईन हाउस में भी कुछ माह पहले मारपीट की घटना हुई थी।
- 24 जून 2024 को लालपुर में ड्रामा क्लब, लांज और लूप बार को बिना अनुमति और तय समय से अधिक चलाने पर केस दर्ज हुआ।
- 15 मई 2025 और 3 दिसंबर 2025 को कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित पाबलो बियर बार में मारपीट और अवैध हुक्का बार चलाने की घटनाएं सामने आईं।
पुलिस का साफ संदेश
एसएसपी ने बार संचालकों को चेतावनी दी कि नियमों का पालन नहीं करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का लक्ष्य है कि रांची शहर में बार से जुड़ी हिंसक घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाई जाए।
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