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Pakur (Jaydev Kumar) : महेशपुर विधानसभा क्षेत्र के चकलाडांगा और उदयपुर के बीच नाला अब सिर्फ पानी का रास्ता नहीं रहेगा, बल्कि वहां बने पुल के जरिये सैकड़ों गांव सीधे प्रखंड मुख्यालय से जुड़ेंगे। सुबह-सुबह शिलान्यास समारोह में आए ग्रामीणों की आंखों में खुशी साफ झलक रही थी। बच्चों ने अपने स्कूल जाने का रास्ता सोचा, और बूढ़े लोग अब आसानी से बाज़ार और स्वास्थ्य केंद्र जा पाएंगे।
विधायक का संदेश : विकास की राजनीति
पाकुड़ के महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने शिलान्यास समारोह में कहा, “हमने हमेशा विकास की राजनीति की है। चुनाव प्रचार के दौरान मैंने इस जगह को देखा था और तब तय किया था कि यहां पुल बनेगा। आज वह सपना सच होने जा रहा है।” उनके शब्दों में न केवल एक नेता की प्रतिबद्धता झलक रही थी, बल्कि ग्रामीणों के जीवन में आने वाले बदलाव का उत्साह भी साफ महसूस हो रहा था।
पुल से बदलेगी रोजमर्रा की जिंदगी
इस पुल के बनने से गांववासियों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी आसान होगी। अब बच्चों का स्कूल जाना, बाज़ार की यात्रा, स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच और रोजगार के अवसर सभी कुछ सरल हो जाएंगे। बुजुर्ग लोग अब तेज़ धार वाले नाले पार करते समय खतरे में नहीं होंगे।
निर्माण में जिम्मेदारी और पारदर्शिता
विधायक ने निर्माण से जुड़े संवेदक और अधिकारियों से कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सुनिश्चित किया कि पुल हर मानक के अनुसार और समय-सीमा में पूरा हो।
समारोह की मानवीय झलक
शिलान्यास के मौके पर ग्रामीणों की भीड़ देखने लायक थी। लोग अपने लिए आने वाले सुविधा के लिए उत्साहित थे। बच्चे उत्साह से पुल की ओर भागते, महिलाएँ अपने दैनिक जीवन में बदलाव की उम्मीद में मुस्कुरा रही थीं। जिला उपाध्यक्ष हरिवंश चौबे, प्रखंड अध्यक्ष मोतीलाल हांसदा, सचिव मैनुद्दीन अंसारी और अन्य स्थानीय नेता भी उपस्थित थे।
एक पुल, सैकड़ों उम्मीदें
महेशपुर का यह नया पुल सिर्फ इंट और सीमेंट का ढांचा नहीं है। यह ग्रामीणों के जीवन में आने वाले बदलाव और अवसरों का प्रतीक है। स्टीफन मरांडी के प्रयासों से न केवल सड़कों और पुलों का जाल बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीणों के रोजमर्रा के संघर्ष में भी राहत आएगी।
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