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Home » आठ सांसद पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित… जानें क्यों
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आठ सांसद पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित… जानें क्यों

February 3, 2026No Comments6 Mins Read
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New Delhi : संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में कार्यवाही के दौरान अभूतपूर्व हंगामा देखने को मिला। सदन में व्यवस्था बिगड़ने और स्पीकर के आसन की ओर कागज फेंकने के आरोप में आठ विपक्षी सांसदों को मौजूदा सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। लगातार शोर-शराबे के कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार रोकी गई और अंत में पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। अब सदन की कार्यवाही बुधवार को दोबारा शुरू होगी।

राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं मिलने से शुरू हुआ विवाद

कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं दी गई। पीठासीन अधिकारी ने उनका नाम न लेकर अगले वक्ताओं को बुला लिया। इस पर कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों के सांसदों ने भी सदन में बोलने से इनकार कर दिया। धीरे-धीरे माहौल और अधिक तनावपूर्ण होता चला गया।

वेल में पहुंचे सांसद और स्पीकर के आसन की ओर फेंके कागज

राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने के बाद कई विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर सदन के वेल में पहुंच गए। वहां उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। इसी दौरान कुछ सांसदों पर स्पीकर के आसन की ओर कागज फेंकने का आरोप लगा। बार-बार शांति बनाए रखने की अपील के बावजूद व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी। हालात ऐसे हो गए कि कार्यवाही चलाना मुश्किल हो गया।

चौथी बार कार्यवाही शुरू होने पर दी गई सख्त चेतावनी

दोपहर करीब तीन बजे जब चौथी बार लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, तो पीठासीन अधिकारी ने साफ कहा कि स्पीकर के आसन की ओर कागज फेंकने वाले सदस्यों की पहचान कर उनके नाम दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने ऐसे सांसदों को निलंबित करने का प्रस्ताव सदन के सामने रखा। सदन ने ध्वनिमत से इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

किन सांसदों पर की गई कार्रवाई

इस कार्रवाई के तहत कुल आठ विपक्षी सांसदों को मौजूदा सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। इनमें शामिल हैं

  • डीन कुरियाकोस
  • किरण रेड्डी
  • अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग
  • मणिकम टैगौर
  • गुरजीत सिंह औजला
  • हिबी इडेन
  • वेंकेट रमन
  • प्रशांत पडोले

सभी सांसदों को तत्काल प्रभाव से सदन से बाहर कर दिया गया।

#WATCH | Delhi: Congress MPs, including Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra and other MPs protest at Makar Dwar of the Parliament, against the suspension of 8 MPs from Lok Sabha and against the India-US trade agreement.

The suspended MPs include Hibi Eden,… pic.twitter.com/iXQx8SAP5Q

— ANI (@ANI) February 3, 2026

राजा वड़िंग का बयान, लोकतंत्र पर उठाए सवाल

निलंबन के बाद कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि अगर नेता प्रतिपक्ष को ही सदन में बोलने नहीं दिया जाएगा, तो बाकी विपक्षी सांसदों की बात कौन सुनेगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी मंगलवार से ही बोलना चाहते थे और उन्होंने जिस लेख या पुस्तक का हवाला देने की बात कही थी, उसकी प्रामाणिकता भी अपने लेटरहेड पर हस्ताक्षर करके दी गई थी। वड़िंग का आरोप है कि जैसे ही राहुल गांधी ने चीन, डोकलाम, पाकिस्तान और प्रधानमंत्री से जुड़े मुद्दों का जिक्र करना शुरू किया, सत्ता पक्ष ने शोर मचाना शुरू कर दिया और उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज दबाना गलत है।

प्रशांत पडोले का आरोप, सरकार पर लगाया आवाज दबाने का आरोप

निलंबन के बाद कांग्रेस सांसद प्रशांत पडोले ने कहा कि जो भी जनहित से जुड़े मुद्दे उठाता है, उसे निलंबित कर दिया जाता है। उनका कहना था कि राहुल गांधी ने संसद में देश के आसपास के देशों की गतिविधियों और भारत की विदेश नीति से जुड़े सवाल उठाए थे, जो सदन को जानना जरूरी था। पडोले के अनुसार सरकार ने इन मुद्दों पर चर्चा से बचने के लिए विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की।

गुरजीत औजला ने उठाए व्यापार और बाजार से जुड़े सवाल

कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि संसद में देश के सामने खड़े मुद्दों को उठाना विपक्ष का कर्तव्य है और सरकार का काम उन सवालों का जवाब देना है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब विपक्ष को किताबों या बाहरी स्रोतों का हवाला देने से भी रोका जा रहा है। औजला ने कहा कि चीन का असर भारतीय बाजारों में तेजी से बढ़ रहा है, विदेशी सामान बड़ी मात्रा में आ रहा है और अमेरिका के साथ व्यापार व टैरिफ से जुड़े फैसलों पर भी चर्चा जरूरी है। उनका कहना था कि देश को केवल बाजार बनाकर नहीं चलाया जा सकता और संसद में खुली बहस होनी चाहिए।

मणिकम टैगौर का बयान, निलंबन को बताया अनुचित

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगौर ने कहा कि जिन आठ सांसदों को निलंबित किया गया है, उनमें से सात कांग्रेस के हैं और एक माकपा सांसद है। उन्होंने कहा कि उनका कसूर सिर्फ इतना था कि वे राहुल गांधी को बोलने देने की मांग कर रहे थे। टैगौर के अनुसार राहुल गांधी से बार-बार दस्तावेजों की प्रामाणिकता मांगी गई और आज औपचारिकता पूरी करने के बाद भी उनका भाषण रोक दिया गया।

हिबी इडेन ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की मांग की

कांग्रेस सांसद हिबी इडेन ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने साफ तौर पर बताया था कि वे संसद में अमेरिका के साथ व्यापार समझौतों और उनसे जुड़े फैसलों पर चर्चा करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि कुछ अंतरराष्ट्रीय मामलों और विवादों पर संसद में बहस जरूरी है, लेकिन सरकार चर्चा से बच रही है। इडेन ने यह भी कहा कि निलंबन के बावजूद विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से सदन के अंदर और बाहर अपनी आवाज उठाता रहेगा।

संसद भवन के बाहर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

निलंबन के बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने संसद भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मंगलवार को राहुल गांधी को वर्ष 2020 के भारत-चीन तनाव से जुड़े एक लेख का हवाला देने से रोका गया था। यह लेख पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण के अंशों पर आधारित बताया गया है। इसी मुद्दे को लेकर पहले सदन के भीतर विवाद हुआ और बाद में कार्रवाई तक बात पहुंच गई।

आखिर क्यों इतना बढ़ गया पूरा मामला

दरअसल, जब पीठासीन अधिकारी ने राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं दी और अगले वक्ताओं के नाम पुकारे, तो विपक्षी दलों ने इसे अनुचित बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद सांसद वेल में पहुंचे, नारेबाजी हुई और कुछ सांसदों पर स्पीकर के आसन की ओर कागज फेंकने का आरोप लगा। लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार रोकी गई। अंत में आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया और लोकसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

इसे भी पढ़ें : ‘छोटे सरकार’ ने ले ली शपथ, सीएम के पैर छूकर लिया आशीर्वाद

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