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Begusarai : बेगूसराय फुलवड़िया बाजार स्थित मां पार्वती ज्वेलर्स में 16 अक्टूबर को दिनदहाड़े हुई डकैती की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। बेगूसराय पुलिस की DIU यानी जिला आसूचना इकाई और बिहार STF की विशेष टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के कई ठिकानों पर दबिश देकर छह कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही एक नाबालिग को भी डिटेन किया गया है। पुलिस ने अपराधियों के पास से दुकान से लूटी गई करीब डेढ़ किलो चांदी के जेवरात, मोती और घटना में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार भी बरामद कर लिए हैं।
सीसीटीवी फुटेज और लावारिस बाइक से खुला डकैती का राज
वारदात के बाद पुलिस और एसटीएफ की टीम ने घटनास्थल सहित शहर के दर्जनों रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज की पड़ताल से साफ हुआ कि वारदात में कुल छह अपराधी शामिल थे और वे दो अलग-अलग बाइकों से आए थे। जांच आगे बढ़ी तो मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खम्हार निवासी राम उपकार सिंह के बगीचे से एक काले रंग की पल्सर 220 और लाल रंग की बाइक बरामद हुई। पुलिस ने तुरंत राम उपकार को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने सच उगल दिया। उसने बताया कि उसका लखीसराय निवासी भगना राजवर्धन और उसके तीन-चार दोस्तों ने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया है। उसकी निशानदेही पर घर से बाइकों की चाबियां और दुकान से लूटे गए जेवरात के खाली डिब्बे मिले। इसके बाद 20 अक्टूबर को तेघड़ा थाना क्षेत्र के दुलारपुर से घटना में हेलमेट, मास्क और जरूरी सामान पहुंचाने वाले अंशुमान उर्फ मिट्ठू को दबोचा गया। मिट्ठू ने पूछताछ में खुलासा किया कि वारदात का मुख्य साजिशकर्ता मोहम्मद राजा पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित अयुबनगर में छुपा हुआ है।
कोलकाता से झारखंड तक चली छापेमारी, एक-एक कर धरे गए लुटेरे
पुलिस की विशेष टीम ने 24 अक्टूबर को कोलकाता के अयुबनगर में छापा मारकर बेगूसराय के फुलवड़िया निवासी मोहम्मद राजा को धर दबोचा। राजा से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने वीरपुर थाना क्षेत्र के दिधवे टोला गाछी में छिपाकर रखे गए आभूषणों के खाली डिब्बे, 400 पीस मोती और थैले बरामद कराए। उसने गिरोह के सभी साथियों अब्दुल रहमान, अनुराग, माधव, राजवर्धन और कन्हैया के नामों का भी खुलासा कर दिया। उसी दिन पुलिस ने तेघड़ा के दनियालपुर से मोहम्मद अब्दुल रहमान उर्फ शदाब को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 26 अक्टूबर को झारखंड के देवघर जिले के जसीडीह इलाके में जाल बिछाकर शातिर माधव कश्यप को गिरफ्तार किया गया। माधव से मिली सटीक सूचना के आधार पर 27 अक्टूबर को लखीसराय के रामचंद्रपुर स्थित निलबहरी गाछी में घेराबंदी की गई, जहां से राजवर्धन, कन्हैया उर्फ कारू और एक नाबालिग को दबोच लिया गया।
भारी मात्रा में जेवरात और हथियार बरामद, सभी का लंबा क्राइम रिकॉर्ड
लखीसराय के रामचंद्रपुर से गिरफ्तार राजवर्धन और कन्हैया की निशानदेही पर पुलिस ने लूटी गई 1 किलो 440 ग्राम चांदी की पायल, 443 पीस मोती की माला, एक 7.65 एमएम की पिस्टल, मैगजीन, 8 जिंदा कारतूस, दो खोखे, एक .315 बोर का देसी कट्टा और 5 गोलियां बरामद कीं। इसके अलावा घटना के वक्त पहने गए चप्पल और आर्मी प्रिंट का गमछा भी जब्त किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए सभी अपराधी पेशेवर और बेहद शातिर हैं। इनमें माधव कुमार पर हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और लूट के 15 संगीन मामले दर्ज हैं। वहीं मोहम्मद राजा पर लूट और आर्म्स एक्ट के 10, राजवर्धन पर 4 और कन्हैया पर 5 आपराधिक मुकदमे पहले से चल रहे हैं। इस पूरे ऑपरेशन को एसटीएफ पटना के सीनियर डीएसपी, तेघड़ा एसडीपीओ, फुलवड़िया थानेदार और बेगूसराय डीआईयू की टीम ने मिलकर अंजाम दिया।
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