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Patna : बिहार में पटना सिविल कोर्ट और भागलपुर सिविल कोर्ट को ई-मेल के जरिए RDX से उड़ाने की गंभीर धमकी मिली है। धमकी मिलते ही दोनों कोर्ट परिसरों को तुरंत खाली कराने का आदेश जारी कर दिया गया।
यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार कोर्ट परिसरों को इस तरह की धमकी दी गई है। इसके बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
कोर्ट परिसर खाली, मचा अफरा-तफरी
धमकी की सूचना मिलते ही कोर्ट में मौजूद जज, वकील, कर्मचारी और फरियादियों को तुरंत बाहर निकाला गया। कुछ ही समय में पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा लिया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और न्यायिक कार्य अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ।
कोर्ट के बाहर पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी गई है और आसपास के इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है।
बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की गहन जांच
मौके पर पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने पहुंचकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया। कोर्ट के हर कमरे, गलियारे और आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से जांच की जा रही है।
फिलहाल किसी भी तरह की विस्फोटक सामग्री मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच अभी जारी है।
सभी गेटों पर सख्त निगरानी
प्रशासन के निर्देश पर कोर्ट के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर सख्त निगरानी शुरू कर दी गई है। परिसर में आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जांच की जा रही है।
क्या बोले वकील ऋषिकेश नारायण सिन्हा
वकील ऋषिकेश नारायण सिन्हा ने बताया कि ई-मेल में सिविल कोर्ट को उड़ाने की साफ धमकी दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए।
उन्होंने कहा कि बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को बुलाकर पूरे परिसर की सघन तलाशी कराई जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु या खतरे का समय रहते पता लगाया जा सके।
पुलिस का बयान, हर एंगल से जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। यह किसी शरारती तत्व द्वारा फैलाया गया डर भी हो सकता है, लेकिन किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
जब तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक सुरक्षा में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
एक हफ्ते पहले भी कई जिलों के कोर्ट को मिली थी धमकी
इससे पहले एक हफ्ते पहले भी बिहार के कई कोर्ट परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इनमें
मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट,
भागलपुर सिविल कोर्ट,
सिवान सिविल कोर्ट और
बेगूसराय सिविल कोर्ट शामिल थे।
उस समय भी सभी जिलों में पुलिस अलर्ट पर रही थी और कोर्ट परिसरों को खाली कराकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया था।
ई-मेल में IED ब्लास्ट को लेकर क्या लिखा गया
धमकी भरे ई-मेल में लिखा गया है कि C-4 RDX से बने तीन IED पहले ही कोर्ट की महत्वपूर्ण जगहों पर रख दिए गए हैं। मेल में यह भी दावा किया गया कि कुछ लोग लंच के समय कोर्ट के आसपास मौजूद रहेंगे और रिमोट ट्रिगर लेकर चल रहे सदस्य जैसे ही तय दायरे में आएंगे, IED अपने आप फट जाएंगे।
मेल में आगे यह भी लिखा गया कि यदि किसी कारण से IED सक्रिय नहीं हुए, तो सदस्य खुद कोर्ट की इमारत में घुसकर विस्फोट करेंगे।
श्रीलंका ईस्टर हमले का जिक्र और विदेशी संगठन का नाम
धमकी देने वालों ने ई-मेल में श्रीलंका के ईस्टर हमले जैसा हमला करने की बात भी कही है। साथ ही मेल में Q ब्रांच और Inter-Services Intelligence से जुड़े सदस्यों का उल्लेख किया गया है।
हालांकि पुलिस का कहना है कि इन दावों की सच्चाई की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच जारी
फिलहाल दोनों कोर्ट परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। ई-मेल कहां से भेजा गया, इसके तकनीकी स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन का साफ कहना है कि किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाया जाएगा।
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