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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : होली का दिन था। रंग, अबीर और खुशियों का माहौल था। हर तरफ लोग एक-दूसरे को गले लगाकर त्योहार मना रहे थे। लेकिन भदानीनगर के एक मजदूर युवक के लिए यही दिन दर्द और डर की याद बन गया। हुरूमगढ़ा जवाहर नगर भुरकुंडा के रहने वाले शिवशंकर दास बताते हैं कि वह अपने साले के साथ ससुराल अबीर खेलने जा रहे थे। उन्हें क्या पता था कि रास्ते में कुछ ही मिनटों में उनकी जिंदगी का सबसे डरावना पल सामने आ जाएगा।
होली खेलने जा रहे थे, बीच रास्ते रुक गए
शिवशंकर दास मजदूरी कर अपने परिवार का गुजारा चलाते हैं। होली के दिन वह अपने साले रोहित के साथ बाइक से कोल कंपनी कॉलोनी स्थित ससुराल जा रहे थे। आईएजी मैदान के पास उन्हें पेशाब लगी, इसलिए उन्होंने बाइक रोक दी। इसी दौरान उनका साला बाइक लेकर थोड़ा आगे निकल गया। शिवशंकर बताते हैं कि वह बस उसे वापस बुलाने के लिए आवाज लगा रहे थे। उन्होंने बताया “मैं बस अपने साले को बुला रहा था। मुझे लगा वह आगे निकल गया है, इसलिए उसे डांटकर वापस बुला रहा था।”
अचानक तीन युवक आ पहुंचे
इसी दौरान वहां तीन युवक आ गए। पीड़ित के मुताबिक, इनमें लपंगा पंचायत के मुखिया का बेटा राहुल दुबे भी शामिल था। उसके साथ रोहित दुबे और शुभम भी थे। शिवशंकर का आरोप है कि तीनों ने बिना कुछ पूछे ही उन्हें धक्का देना शुरू कर दिया। देखते ही देखते बात गाली-गलौज और मारपीट तक पहुंच गई।
“हम आपको जानते भी नहीं”
मारपीट के बीच शिवशंकर बार-बार यही कहते रहे कि वह उन्हें पहचानते भी नहीं हैं और उनका किसी से कोई झगड़ा नहीं है। वह कहते हैं “मैं उनसे कहता रहा कि हम आपलोगों को जानते तक नहीं हैं। मैं तो बस अपने साले को बुला रहा था। लेकिन किसी ने मेरी बात नहीं सुनी।”
बियर की बोतल से फोड़ दिया सिर
शिवशंकर का इल्जाम है कि मारपीट के दौरान राहुल दुबे ने पास में पड़ी बियर की बोतल उठाई और सीधे उनके सिर पर मार दी। बोतल लगते ही उनका सिर फट गया और खून बहने लगा। अचानक हुए इस हमले से वह घबरा गए। उन्होंने बताया “जब बोतल लगी तो मुझे कुछ समझ नहीं आया। सिर से खून बहने लगा था।”
“पिता मुखिया हैं, कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता”
पीड़ित का कहना है कि मारपीट के दौरान उन्हें धमकी भी दी गई। आरोप है कि युवकों ने कहा कि उनके पिता मुखिया हैं, इसलिए उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। यह सुनकर शिवशंकर और ज्यादा डर गए। पीड़ित का आरोप है कि अब उन पर केस वापस लेने का दबाव भी बनाया जा रहा है। शिवशंकर कहते हैं “हम गरीब आदमी हैं, मजदूरी करते हैं। लेकिन हमें न्याय चाहिए।”
मजदूरी कर चलता है घर
शिवशंकर बताते हैं कि वह रोज मेहनत-मजदूरी करके परिवार चलाते हैं। उनका कहना है कि वह किसी झगड़े में नहीं पड़ना चाहते थे, लेकिन उनके साथ जो हुआ वह बेहद दर्दनाक है। घटना के बाद उन्होंने भुरकुंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिवशंकर का कहना है कि अगर स्थानीय पुलिस से न्याय नहीं मिला तो वह जिले के आला अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाएंगे।
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