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New Delhi : केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस सप्लाई से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन लगा है, उन्हें सब्सिडी वाला LPG सिलेंडर रखने या लेने की अनुमति नहीं होगी। सरकार के इस फैसले के बाद जिन उपभोक्ताओं के पास PNG और LPG दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें अपना LPG कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा। सरकार का कहना है कि यह फैसला ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित करने और सब्सिडी वाली गैस सही जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से लिया गया है।
नियमों में संशोधन का नोटिफिकेशन जारी
केंद्र सरकार ने एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट, 1955 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए शनिवार को नया नोटिफिकेशन जारी किया। इसके तहत लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (रेगुलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) अमेंडमेंट ऑर्डर, 2026 लागू किया गया है। इस आदेश के जरिए साल 2000 के LPG सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन नियमों में बदलाव किया गया है। नए नियम साफ तौर पर कहते हैं कि जिन घरों में पाइप से गैस यानी PNG की सुविधा है, वहां घरेलू LPG कनेक्शन नहीं रखा जा सकेगा।
PNG और LPG दोनों रखने वालों को करना होगा सरेंडर
सरकार के नए आदेश के मुताबिक जिन उपभोक्ताओं के पास अभी PNG और LPG दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें अपना LPG कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा। सिर्फ इतना ही नहीं, जिन घरों में पहले से PNG कनेक्शन है, वे भविष्य में नया घरेलू LPG कनेक्शन भी नहीं ले सकेंगे।
तेल कंपनियों पर भी लगी रोक
नए नियमों के बाद सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों पर भी साफ रोक लगा दी गई है। अब कंपनियां PNG कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को नया LPG कनेक्शन जारी नहीं करेंगी। साथ ही ऐसे उपभोक्ताओं को LPG सिलेंडर की रिफिल भी नहीं दी जाएगी। इस रोक को LPG सप्लाई रेगुलेशंस के शेड्यूल-I में उन गतिविधियों की सूची में शामिल किया गया है, जिन्हें कंपनियां नहीं कर सकतीं।
सब्सिडी सही लोगों तक पहुंचाने की कोशिश
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य घरेलू LPG के वितरण को बेहतर बनाना है। दरअसल जिन शहरों में PNG नेटवर्क मौजूद है, वहां लोगों को पाइप से सीधे गैस मिलती है। ऐसे में सरकार चाहती है कि LPG सिलेंडर की सब्सिडी उन घरों तक पहुंचे जहां अभी PNG नेटवर्क नहीं पहुंचा है।
पश्चिम एशिया संकट का भी असर
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सप्लाई बाधित होती है तो इसका असर दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
भारत की LPG खपत का बड़ा हिस्सा आयात
आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025 में भारत ने करीब 33 मिलियन टन LPG की खपत की। इसमें से लगभग 20.67 मिलियन टन LPG आयात की गई थी। सबसे अहम बात यह है कि भारत के कुल LPG आयात का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है, जो इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है।
घर, अस्पताल और स्कूल को मिलेगी प्राथमिकता
सरकार ने साफ किया है कि किसी भी संभावित संकट की स्थिति में LPG सप्लाई को प्राथमिकता के आधार पर बांटा जाएगा। इसमें सबसे पहले घरों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को गैस उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही घरेलू रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने और तैयार गैस मुख्य रूप से सरकारी तेल कंपनियों को देने का निर्देश भी दिया गया है।
आम उपभोक्ताओं के लिए क्या मतलब
सरल शब्दों में समझें तो अगर आपके घर में PNG कनेक्शन पहले से लगा हुआ है, तो अब आपको LPG सिलेंडर रखने की अनुमति नहीं होगी। और अगर दोनों कनेक्शन हैं, तो जल्द ही LPG कनेक्शन सरेंडर करना पड़ेगा।
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