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Palamu : पलामू जिले के तरहसी थाना क्षेत्र में हुए राजदेव महतो हत्याकांड की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगती। एक गांव, एक बुजुर्ग, एक महिला और उसके इर्द-गिर्द पनपता शक। फिर उस शक को दबाने के लिए रची गई खौफनाक साजिश, जिसने एक बुजुर्ग की जान ले ली। करीब 12 दिन बाद जब पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा किया तो पूरा मामला सामने आया। जांच में पता चला कि 70 वर्षीय राजदेव महतो को इसलिए मार दिया गया क्योंकि उन्हें एक महिला और दो पुरुषों के बीच चल रहे नाजायज रिश्ते की भनक लग गई थी। आरोपियों को डर था कि अगर यह बात गांव में फैल गई तो उनकी बदनामी होगी।
जंगल में मिला शव और उठे कई सवाल
2 मार्च की सुबह सेवती डाक बंगला के पास पदमा जाने वाली सड़क किनारे कोलकटवा जंगल में जब एक बुजुर्ग का शव मिला तो इलाके में सनसनी फैल गई। बाद में पहचान हुई कि शव सेवती गांव के 70 वर्षीय राजदेव महतो का है। मृतक की पत्नी दुलारी देवी ने तरहसी थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। मामला गंभीर था, इसलिए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और लेस्लीगंज के एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच टीम बनाई गई।
शक की एक कड़ी ने खोल दिया पूरा राज
पुलिस की जांच धीरे-धीरे गांव के ही कुछ लोगों तक पहुंचने लगी। इसी दौरान संदेह के आधार पर सेवती गांव की देवन्ती देवी से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने बताया कि तरहसी के सुरेश राम और सेवती के संतोष महतो अक्सर उसके घर शराब पीने आते थे। गांव में यह चर्चा भी थी कि दोनों का उसके साथ नाजायज रिश्ता है। राजदेव महतो को भी इस बात का शक हो गया था। वह कई बार इन दोनों को गांव में बदनाम करने की धमकी देते थे। यही बात दोनों आरोपियों को खटक रही थी।
रोज का मिलना-जुलना बना मौत की वजह
जांच में यह भी सामने आया कि राजदेव महतो अक्सर अपने मवेशियों को चराने के लिए कोलकटवा जंगल जाया करते थे। वहां बच्चू महतो का भंडार घर था और बुजुर्ग कई बार वहां बैठ जाया करते थे। शराब के दौरान कई बार राजदेव महतो बच्चू महतो को भी अपशब्द कह देते थे। इससे बच्चू महतो भी उनसे नाराज रहने लगा था। धीरे-धीरे तीनों के बीच एक अजीब सी दुश्मनी पनप गई।
एक भोज के बाद रची गई हत्या की योजना
27 फरवरी को सेवती गांव में दामोदर महतो के बेटे के दसवीं का भोज था। गांव के कई लोग वहां जुटे थे। इसी भोज के बाद आरोपियों ने अपना प्लान तैयार किया। भोज खत्म होने के बाद बच्चू महतो किसी बहाने से राजदेव महतो को अपने कोलकटवा जंगल स्थित भंडार घर ले गया। वहां पहले से संतोष महतो और सुरेश राम मौजूद थे। मौका मिलते ही तीनों ने मिलकर टांगी से राजदेव महतो पर हमला कर दिया। बुजुर्ग को संभलने का मौका भी नहीं मिला और वहीं उनकी मौत हो गई।
हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की भी पूरी कोशिश की। उन्होंने शव को पास के खलिहान में पुआल से ढक दिया ताकि किसी को तुरंत पता न चल सके। जहां खून गिरा था वहां की मिट्टी हटाकर दूसरी मिट्टी डाल दी गई। आरोपियों को लगा कि इस तरह पुलिस को कोई सुराग नहीं मिलेगा।
रात के अंधेरे में जंगल में फेंक दिया शव
करीब दो दिन तक शव को छिपाकर रखने के बाद 1 मार्च की रात तीनों आरोपियों ने उसे खाट पर लादा और जंगल के रास्ते सेवती डाक बंगला के पास पदमा जाने वाली सड़क किनारे कोलकटवा जंगल में फेंक दिया। उन्हें लगा कि शव मिलने पर मामला अज्ञात हत्या बनकर रह जाएगा और उन पर किसी को शक नहीं होगा।
सख्ती से पूछताछ में टूटे आरोपी
मामले के अनुसंधानकर्ता एसआई अनंत कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने संदेह के आधार पर बच्चू महतो और संतोष महतो को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों टूट गए और पूरे मामले का खुलासा कर दिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई टांगी और शव ढोने में इस्तेमाल हुई खाट भी बरामद कर ली गई।
एक आरोपी अभी भी फरार
पुलिस ने इस मामले में बच्चू महतो (55) और संतोष महतो (50) को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं तीसरा आरोपी सुरेश राम अब भी फरार है। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा।
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