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Muradabad : मुरादाबाद सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में बुधवार रात हुई मुठभेड़ में उधम सिंह गैंग का शार्प शूटर आशु उर्फ मोंटी पुलिस की गोली लगने से मारा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि आशु के सीने में तीन गोलियां लगी थीं। ये तीनों गोलियां हार्ट और फेफड़ों को चीरते हुए पीठ से बाहर निकल गई थीं। अत्यधिक खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई। बृहस्पतिवार को दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इस दौरान डिजिटल फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई।
पांच करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप
सिविल लाइंस के रामगंगा विहार स्थित शुभम ग्रीन विला निवासी अरशू ढल की कांठ रोड के प्रेम नगर इलाके में वजीरचंद एक्सपोर्ट नाम से फर्म है। अरशू ढल ने 15 मार्च को सिविल लाइंस थाने में आशु और उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अरशू ढल ने पुलिस को बताया था कि 12 मार्च की रात करीब 8 बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से मिस कॉल आई थी। इसके एक मिनट बाद व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल रिसीव करने पर सामने वाले ने खुद को आशु बताते हुए सीधे पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। रकम न देने पर हत्या की धमकी दी गई थी।
फर्म पर फायरिंग से फैली थी दहशत
रंगदारी की कॉल के दो दिन बाद ही निर्यातक की फर्म पर बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग कर दी थी। इस वारदात के बाद से कारोबारी ने फर्म के गेट की सुरक्षा बढ़ा दी थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आशु की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
रंगदारी वसूलने पहुंचा था आशु
पुलिस के मुताबिक, हापुड़ के हाफिजपुर थाना क्षेत्र के मीरापुर निवासी आशु उर्फ मोंटी अपने एक साथी के साथ बुधवार को मुरादाबाद रंगदारी की रकम वसूलने पहुंचा था। इसकी जानकारी मिलने पर मेरठ एसटीएफ और मुरादाबाद पुलिस की टीम सक्रिय हो गई।
पोस्टमार्टम हाउस के पास हुई मुठभेड़
बुधवार रात करीब 10 बजे सिविल लाइंस क्षेत्र में पोस्टमार्टम हाउस के पास इस्लाम नगर रोड पर पुलिस ने आशु और उसके साथी को घेर लिया। पुलिस के मुताबिक, खुद को घिरता देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में आशु के सीने में तीन गोलियां लगीं और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दौरान उसका साथी मौके से भाग निकला।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घायल आशु को पुलिस जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद गुरुवार सुबह करीब 10 बजे पोस्टमार्टम कराया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या निकला
दो डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम में पुष्टि की कि
- आशु के सीने में तीन गोलियां लगी थीं
- गोलियां हार्ट और फेफड़ों को चीरते हुए बाहर निकलीं
- अत्यधिक रक्तस्राव से उसकी मौत हुई
भाई बोले, रंगदारी की जानकारी नहीं
मुठभेड़ में मौत की खबर मिलते ही आशु के भाई अनु और नीशू पड़ोसियों के साथ मुरादाबाद पहुंचे। पोस्टमार्टम हाउस पर उन्होंने बताया कि तीन भाइयों में आशु सबसे छोटा था। करीब आठ महीने पहले उसकी शादी रायबरेली की युवती से हुई थी और वह गाजियाबाद में रह रहा था। भाइयों ने दावा किया कि उन्हें नहीं पता कि आशु ने किसी से रंगदारी मांगी थी या नहीं।
निर्यातक की सुरक्षा बढ़ाई गई
50 हजार के इनामी बदमाश के मारे जाने के बाद पुलिस ने निर्यातक अरशू ढल और उनकी फर्म की सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस टीम लगातार इलाके में गश्त कर रही है और आने-जाने वालों से पूछताछ की जा रही है।
फरार साथी की तलाश में STF और पुलिस
एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि आशु उधम सिंह गैंग का शार्प शूटर था और उसके खिलाफ 36 मुकदमे दर्ज थे। उन्होंने कहा कि फरार साथी की तलाश में पुलिस और एसटीएफ की टीमें लगी हुई हैं।
शव हापुड़ पुलिस को सौंपा
पोस्टमार्टम के बाद सिविल लाइंस थाना पुलिस ने जिले की सीमा तक शव को पहुंचाया और इसके बाद हापुड़ के हाफिजपुर थाने की पुलिस को सूचना देकर आगे की कार्रवाई के लिए शव सौंप दिया गया।
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