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Chaibasa : चाईबासा के टोंटो थाना क्षेत्र में एक मामूली बात ने ऐसा तूफान खड़ा कर दिया, जिसने एक परिवार का सहारा छीन लिया। सेरेंगसिया गांव के पदमपुर टोला निवासी 50 वर्षीय दामू सिंकू की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी गई। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा विवाद किसी जमीन, पैसे या दुश्मनी को लेकर नहीं, बल्कि एक मुर्गे को लेकर शुरू हुआ था। अब गांव में मातम है, घर में चीख-चीत्कार है और हर गली में बस एक ही सवाल है कि आखिर मुर्गे के लिए किसी की जान कैसे ली जा सकती है।
शाम ढलते ही शुरू हुआ झगड़ा
बुधवार की शाम गांव में आम दिनों जैसी ही थी। लोग अपने काम में लगे थे। लेकिन इसी दौरान दामू सिंकू का अपने भतीजे और कुछ पड़ोसियों के साथ मुर्गा को लेकर विवाद हो गया। पहले हल्की नोकझोंक हुई, फिर बात बढ़ी और गाली-गलौज तक पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो झगड़ा इतना तेजी से बढ़ा कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में मामला हाथापाई में बदल गया।
अचानक टूट पड़े हमलावर, कुल्हाड़ी से सिर पर वार
झगड़ा बढ़ते देख आसपास के लोग जुटने लगे, लेकिन तभी आरोपियों ने दामू सिंकू पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों के हाथ में कुल्हाड़ी और लाठी-डंडे थे। दामू सिंकू को बचने का मौका नहीं मिला। हमलावरों ने उनके सिर पर जोरदार वार किया। चोट इतनी गंभीर थी कि दामू सिंकू वहीं गिर पड़े। सिर से खून बहने लगा और कुछ ही देर में उनका शरीर खून से लथपथ हो गया। गांव वालों का कहना है कि हमला बेहद बेरहमी से किया गया।
घायल हालत में अस्पतालों की दौड़
हमले के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण किसी तरह दामू सिंकू को उठाकर टोंटो स्वास्थ्य केंद्र ले गए। लेकिन वहां इलाज की व्यवस्था नाकाफी बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार डॉक्टरों ने गंभीर हालत देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए चाईबासा सदर अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद रात करीब 10 बजे उन्हें सदर अस्पताल, चाईबासा पहुंचाया गया।
डॉक्टरों ने रांची रेफर किया, पर एंबुलेंस नहीं मिली
सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि सिर में गहरी चोट है और हालत बेहद गंभीर है। उन्हें तुरंत रांची रिम्स रेफर कर दिया गया। लेकिन यहीं से कहानी ने और दर्दनाक मोड़ ले लिया। परिजनों का कहना है कि रांची ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो सकी। दूसरी ओर आर्थिक हालत भी कमजोर थी, जिससे वे निजी साधन से रांची ले जाने में सक्षम नहीं थे। परिजन अस्पताल के बाहर रातभर परेशान रहे, मदद की उम्मीद करते रहे, लेकिन समय निकलता चला गया।
इलाज के अभाव में रात में ही मौत
रातभर संघर्ष के बाद आखिरकार दामू सिंकू ने दम तोड़ दिया। इलाज के अभाव में उनकी मौत हो गई। जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, पूरा इलाका सन्न रह गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में महिलाएं बेसुध हो रही हैं और गांव में मातम छा गया है।
परिवार ने लगाया आरोप, हत्या का केस दर्ज
मृतक के परिजनों ने टोंटो थाना पहुंचकर घटना की शिकायत दी। पुलिस ने भतीजे समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। नामजद आरोपितों में परगना सिंकू, डोबरो सिंकू, किशनू सिंकू, पेलंग सिंकू और मृतक का भतीजा शामिल है। परिजनों का कहना है कि दामू सिंकू की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई और हमलावर पहले से ही मारने की नीयत से आए थे।
गांव में डर का माहौल, लोग बोले अब कौन सुरक्षित
घटना के बाद गांव के लोगों में डर बैठ गया है। कई ग्रामीणों का कहना है कि जब एक मुर्गे के विवाद में हत्या हो सकती है, तो आम आदमी कैसे सुरक्षित रहेगा। लोगों का कहना है कि गांव में पहले भी छोटे-मोटे विवाद होते थे, लेकिन इस तरह की हिंसा पहली बार देखी गई।
पुलिस का दावा, आरोपितों की तलाश में छापेमारी
टोंटो थाना प्रभारी सुकुमार हेंब्रम ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। जल्द ही सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सवालों के घेरे में इलाज व्यवस्था
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल इलाज व्यवस्था को लेकर भी उठ रहा है। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर एंबुलेंस और बेहतर इलाज मिल जाता, तो दामू सिंकू की जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्वास्थ्य केंद्र और अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाई जाएं, ताकि ऐसी स्थिति में किसी की जान इलाज के अभाव में न जाए।
गांव में आक्रोश, दोषियों को सख्त सजा की मांग
घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का भरोसा कानून व्यवस्था से उठ जाएगा।
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