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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ के डाड़ी प्रखंड के गिद्दी इलाके में बुधवार को उस वक्त माहौल काफी गरमा गया, जब रैयत विस्थापितों के बंद के दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए। मामला इतना बढ़ गया कि धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गई। सूचना मिलते ही गिद्दी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। बताया जा रहा है कि अगर पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो विवाद बड़ा रूप ले सकता था।
सात सूत्री मांगों को लेकर बुलाया गया था बंद
डाड़ी क्षेत्र के रैयत विस्थापित अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर बंद कर रहे थे। उनकी मुख्य मांगों में जमीन के बदले मुआवजा, नौकरी और रोड सेल ट्रांसपोर्टिंग में वैकल्पिक रोजगार शामिल है। आंदोलनकारियों का कहना है कि करीब आठ एकड़ से ज्यादा जमीन के बदले उन्हें न तो उचित मुआवजा मिला और न ही रोजगार की व्यवस्था की गई। इसी कारण वे लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
आजसू पार्टी के समर्थन से बढ़ा आंदोलन का दबाव
इस बंद को आजसू पार्टी का समर्थन भी मिला, जिससे आंदोलनकारियों का उत्साह और बढ़ गया। बंद को लेकर पहले से ही क्षेत्र में माहौल गर्म था और लोग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे थे।
प्रबंधन ने दिया था आश्वासन, फिर भी बढ़ गया विवाद
बंद के दौरान प्रबंधन की ओर से आंदोलनकारियों को यह भरोसा दिलाया गया कि दो दिनों के भीतर पत्र जारी कर मांगों पर सकारात्मक पहल की जाएगी। लेकिन इसी बीच रोड सेल इलाके में वाहन प्रवेश को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और बहस बढ़ती चली गई।
धक्का-मुक्की हुई, कपड़े फटने तक की बात
आंदोलनकारी पक्ष के सुरेश गंझू ने बताया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे, लेकिन दूसरे पक्ष के कुछ लोगों ने बीच में हस्तक्षेप कर दिया, जिससे मामला बिगड़ गया। वहीं आंदोलनकारी बुधन गंझू ने आरोप लगाया कि झड़प के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और उनके कपड़े तक फट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ लोगों ने बांस की लाठियां भी उठाईं, जिससे इलाके में डर और तनाव बढ़ गया।
रोड सेल समिति ने झड़प से किया इनकार
दूसरी ओर रोड सेल समिति के अध्यक्ष हीरा गंझू ने किसी भी तरह की झड़प या मारपीट से इनकार किया। उन्होंने कहा कि बंद से पहले कुछ वाहन रोड सेल पहुंच चुके थे और उसी दौरान हल्की नोकझोंक हुई थी, जिसे बाद में शांत करा लिया गया। उनका कहना है कि किसी तरह की बड़ी घटना नहीं हुई।
पुलिस पहुंची और स्थिति को संभाला
जैसे ही विवाद की सूचना पुलिस को मिली, गिद्दी थाना की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया और समझा-बुझाकर माहौल शांत कराया। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे में न आएं। फिलहाल पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है।
विस्थापितों की मांगों पर समाधान की जरूरत
इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि औद्योगिक इलाकों में विस्थापितों की समस्याएं कितनी गंभीर हैं। मुआवजा, नौकरी और रोजगार को लेकर लगातार उठ रहे सवालों का अगर समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो ऐसे विवाद आगे भी बढ़ सकते हैं।
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