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Hazaribagh : हजारीबाग के बड़कागांव की सड़कों पर सब कुछ सामान्य दिख रहा था, लेकिन इसी शांत माहौल के बीच एक बड़ी वारदात की तैयारी चल रही थी। रात के अंधेरे में कुछ युवक अपने इरादों को अंजाम देने की फिराक में थे। उन्हें शायद अंदाजा नहीं था कि पुलिस उनकी हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। गुप्त सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। बिना समय गंवाए टीम ने मुख्य मार्ग के पास टीपी-05 इलाके को घेर लिया। वहां मौजूद तीन युवक संदिग्ध हालत में दिखे। पुलिस ने जैसे ही उन्हें पकड़ा, कहानी धीरे-धीरे खुलने लगी। पूछताछ आगे बढ़ी तो पूरा गिरोह सामने आ गया।
हथियार, गोलियां और पूरी प्लानिंग
पकड़े गए आरोपियों के पास से एक देशी पिस्टल, 13 जिंदा गोलियां, तीन मोबाइल फोन और एक अपाची बाइक बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक यह कोई छोटी-मोटी वारदात नहीं थी। आरोपी राह चलते लोगों को रोककर हथियार के बल पर लूट करने और विरोध करने पर गंभीर नुकसान पहुंचाने की योजना बना चुके थे।
पुरानी लूट का भी खुला राज
जैसे-जैसे पूछताछ गहराई, एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। आरोपियों ने कबूल किया कि वे पहले बड़कागांव में हुई ज्वेलरी दुकान लूट में भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि उस वारदात से पहले इलाके की रेकी की गई थी, हर गतिविधि पर नजर रखी गई थी और फिर मौका देखकर लूट को अंजाम दिया गया था।
गिरोह की परतें खुलती गईं
पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें साजिश रचने वाले, मदद करने वाले और वाहन उपलब्ध कराने वाले सभी शामिल हैं। हर किसी की भूमिका तय थी, जिससे साफ है कि यह एक संगठित गिरोह था।
अब नेटवर्क की तलाश में पुलिस
फिलहाल पुलिस इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। यह भी जांच हो रही है कि लूटे गए गहनों को कहां और कैसे बेचा गया। दूसरे राज्यों से कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और चेहरे सामने आ सकते हैं।
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