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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर आज कुछ अलग माहौल था। प्लेटफॉर्म पर भीड़ थी, लेकिन यह भीड़ किसी अफरातफरी की नहीं थी। लोगों की आंखों में उम्मीद थी, चेहरे पर मुस्कान थी और बातचीत में बस एक ही बात थी कि अब ट्रेन हमारे स्टेशन पर भी रुकेगी। वर्षों से पाकुड़ के लोग जिस मांग को लेकर आंदोलन करते रहे, ज्ञापन देते रहे और अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटते रहे, वह मांग आखिरकार पूरी हो गई। अब 12041UP-12042DN हावड़ा-न्यू जलपाईगुड़ी शताब्दी एक्सप्रेस और 22611UP-22612DN सेंट्रल जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस का ठहराव पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर शुरू हो गया है। यह सिर्फ ट्रेन का ठहराव नहीं है, यह उस भरोसे की जीत है जो लोग लंबे समय से अपने शहर के लिए मांगते आ रहे थे।
स्टेशन पर दिखी अलग चमक, लोगों ने कहा- अब सफर आसान हो जाएगा
प्लेटफॉर्म पर खड़े कई लोग ऐसे थे जिनकी आंखों में खुशी साफ झलक रही थी। कोई अपने बेटे के लिए मिठाई लेने की बात कर रहा था, तो कोई कह रहा था कि अब नौकरी के लिए बाहर जाना आसान हो जाएगा। किसी ने कहा कि अब हावड़ा जाना पहले जैसा मुश्किल नहीं रहेगा। स्थानीय यात्रियों का कहना है कि अब तक इन ट्रेनों में सफर करने के लिए उन्हें दूसरे बड़े स्टेशनों पर जाना पड़ता था। इससे न सिर्फ समय बर्बाद होता था बल्कि खर्च भी बढ़ जाता था। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और छात्रों को सबसे ज्यादा परेशानी होती थी।

हर घर की एक कहानी, हर चेहरे पर एक राहत
पाकुड़ के रहने वाले कई लोग बताते हैं कि शताब्दी जैसी ट्रेन का ठहराव उनके लिए सपना था। कुछ परिवारों में बच्चे बाहर पढ़ाई करते हैं, कुछ लोग काम के लिए बड़े शहरों में जाते हैं। ऐसे में बार-बार सफर करना मजबूरी होती है। पहले जो लोग ट्रेन पकड़ने के लिए सुबह-सुबह दूसरी जगह जाते थे, उन्हें कई बार बस और ऑटो में धक्के खाने पड़ते थे। कई बार ट्रेन छूट जाती थी और फिर पूरा दिन खराब हो जाता था। आज वही लोग कह रहे हैं कि अब घर से सीधे स्टेशन आकर ट्रेन पकड़ सकेंगे।
उद्घाटन ऑनलाइन हुआ, लेकिन खुशी जमीन पर नजर आई
इस ठहराव का उद्घाटन केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने ऑनलाइन माध्यम से किया। उद्घाटन की प्रक्रिया भले स्क्रीन पर हुई, लेकिन खुशी और उत्साह स्टेशन पर साफ नजर आया। लोगों ने कहा कि यह फैसला पाकुड़ के लिए बड़ी सौगात है। अब स्टेशन की अहमियत बढ़ेगी और जिले की पहचान भी मजबूत होगी।

आंदोलन, ज्ञापन और इंतजार की लंबी कहानी
यह ठहराव अचानक नहीं मिला। इसके पीछे पाकुड़ के लोगों की लंबी लड़ाई रही है। कई बार स्थानीय संगठनों ने आंदोलन किए, रेलवे अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे, नेताओं से मुलाकात की और मांग को लगातार जिंदा रखा। लोगों का कहना है कि कई बार उन्हें लगा कि शायद उनकी आवाज दब जाएगी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आज उसी धैर्य का नतीजा सामने आया है।
सांसद विजय हांसदा ने सदन में उठाया था मुद्दा
स्थानीय लोगों ने बताया कि पाकुड़ के यात्रियों की सुविधा के लिए सांसद विजय हांसदा ने कई बार इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। लोगों का मानना है कि सांसद के प्रयासों और जनता की लगातार मांग ने मिलकर यह रास्ता बनाया।
डीआरएम विशाल कपूर ने किया स्वागत, ट्रेन को किया रवाना
इस मौके पर हावड़ा डिवीजन के डीआरएम विशाल कपूर ने कार्यक्रम में स्वागत किया और ट्रेन को रवाना किया। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यह ठहराव यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी और इसके शुरू होने से क्षेत्र में रेल सुविधा बेहतर होगी।
अब सिर्फ सफर नहीं, विकास की उम्मीद भी बढ़ी
पाकुड़ के लोगों का कहना है कि ट्रेन का ठहराव केवल यात्रा की सुविधा नहीं है। यह व्यापार, रोजगार और शिक्षा के लिए भी बड़ा रास्ता खोलता है। जिले के व्यापारी अब जल्दी माल लाने-ले जाने की बात कर रहे हैं। छात्र कह रहे हैं कि अब पढ़ाई के लिए बाहर जाना आसान होगा। नौकरीपेशा लोग उम्मीद कर रहे हैं कि समय की बचत होगी।
आज पाकुड़ ने महसूस किया, शहर भी आगे बढ़ सकता है
प्लेटफॉर्म पर एक बुजुर्ग यात्री ने बस इतना कहा कि अब लगता है सरकार और रेलवे ने हमारी भी सुनी। यह बात सुनकर पास खड़े कई लोगों ने सिर हिलाया और मुस्कुरा दिए। पाकुड़ के लिए आज का दिन सिर्फ एक उद्घाटन नहीं, बल्कि एक भरोसे का दिन बन गया। स्टेशन पर जब ट्रेन की सीटी गूंजी और लोग उसे रुकते हुए देखने लगे, तो ऐसा लगा जैसे वर्षों का इंतजार आखिरकार मंजिल तक पहुंच गया।
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