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Varanasi (Anurag Tiwari) : वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में अब रसोई का तरीका बदल गया है। मंदिर परिसर में स्थित अन्नपूर्णा रसोईघर में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी की सप्लाई शुरू कर दी गई है। गेल इंडिया लिमिटेड ने इस काम को पूरा किया है। यह मंदिर परिसर में पीएनजी का पहला कनेक्शन है, जिसे स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सिर्फ 9 दिन में तैयार हुई व्यवस्था
मंदिर न्यास के कार्यकारी अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा ने बताया कि यह काम आसान नहीं था। मंदिर के आसपास की गलियां काफी संकरी और भीड़भाड़ वाली हैं। हर वक्त श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। साथ ही जमीन के नीचे पहले से कई तरह की पाइपलाइन और केबल मौजूद हैं। इन सब मुश्किलों के बावजूद टीम ने अच्छी योजना बनाकर और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए सिर्फ 9 दिनों में पाइपलाइन बिछाकर काम पूरा कर लिया। इस काम को लेकर उन्होंने गेल की टीम की तारीफ भी की।
अब नहीं लगेगी एलपीजी सिलेंडरों की लाइन
अन्नपूर्णा रसोईघर में हर दिन करीब 15 हजार श्रद्धालुओं के लिए भोजन बनता है। पहले इसके लिए रोजाना लगभग 15 एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल होते थे, जो महीने में करीब 450 सिलेंडर हो जाते थे। अब पीएनजी सप्लाई शुरू होने के बाद सिलेंडरों की जरूरत पूरी तरह खत्म हो गई है। इससे न सिर्फ काम आसान होगा, बल्कि गैस की उपलब्धता भी लगातार बनी रहेगी।
साफ, सुरक्षित और बेहतर विकल्प
गेल की ओर से बताया गया कि पीएनजी एलपीजी के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और साफ ईंधन है। इससे प्रदूषण भी कम होता है और रसोई का काम बिना रुकावट के चलता रहता है। मंदिर प्रशासन का मानना है कि यह पहल आने वाले समय में अन्य धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों के लिए भी एक उदाहरण बनेगी, जहां बड़े स्तर पर खाना बनाया जाता है।
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