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Ranchi : राजधानी रांची तेजी से बदल रही है। नई सड़कें बन रही हैं, स्मार्ट सिटी की योजनाएं आगे बढ़ रही हैं, पर्यटन स्थलों को नया रूप देने की तैयारी चल रही है। लेकिन इस विकास की दौड़ के बीच एक बड़ा सवाल हमेशा खड़ा रहता है… क्या शहर अपनी हरियाली बचा पाएगा? इसी सवाल को केंद्र में रखकर बुधवार को झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हेमंत सोरेन ने नगर विकास, पथ निर्माण और पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ लंबी समीक्षा बैठक की। इस बैठक का सबसे बड़ा संदेश साफ था—विकास होगा, लेकिन प्रकृति की कीमत पर नहीं।
“पेड़ कटेंगे नहीं, शहर और हरा होगा”
सीएम ने अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा कि विकास कार्यों के दौरान पर्यावरण संरक्षण को सबसे ऊपर रखा जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी योजना ऐसी नहीं होनी चाहिए जिससे प्रकृति को नुकसान पहुंचे। उन्होंने वृक्षारोपण को सिर्फ एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जोड़ा। उनका कहना था कि शहरों का विकास तभी सही मायने में सफल माना जाएगा, जब वहां रहने वाले लोगों को स्वच्छ हवा, खुली जगह और हरियाली भी मिले।
स्मार्ट सिटी सिर्फ इमारतों का नाम नहीं
बैठक में रांची स्मार्ट सिटी परियोजना की भी विस्तार से समीक्षा हुई। सीएम ने कहा कि स्मार्ट सिटी का मतलब सिर्फ ऊंची इमारतें, चमकती सड़कें या बड़े-बड़े ढांचे नहीं हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाएं ऐसी हों जो आम लोगों की जिंदगी आसान बनाएं… बेहतर सड़कें, साफ पानी, सुगम यातायात, सुरक्षित सार्वजनिक स्थल और व्यवस्थित नागरिक सुविधाएं। ई-ऑक्शन और अन्य माध्यमों से राजस्व बढ़ाने पर भी चर्चा हुई, ताकि शहर के विकास के लिए आर्थिक मजबूती बनी रहे।
सरकारी संपत्तियां बेकार नहीं, विकास की ताकत बनें
बैठक में विभागीय मास्टर प्लान के तहत सरकारी परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया गया। सीएम ने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का योजनाबद्ध और प्रभावी इस्तेमाल जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकारी जमीन, भवन और अन्य संसाधन सिर्फ फाइलों में दर्ज संपत्ति न रहें, बल्कि लोगों के काम आएं और विकास की रफ्तार बढ़ाएं।
पर्यटन स्थलों को मिलेगा नया रूप
झारखंड की पहचान सिर्फ खनिज संपदा से नहीं, बल्कि उसके प्राकृतिक सौंदर्य से भी है। पहाड़, झरने, जंगल और धार्मिक स्थल यहां की खास पहचान हैं। बैठक में पर्यटन विभाग की योजनाओं को 3डी एनीमेशन और वीडियो प्रस्तुति के जरिए दिखाया गया। सीएम ने निर्देश दिया कि पर्यटन स्थलों को और आकर्षक बनाया जाए, वहां बेहतर सुविधाएं दी जाएं और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जाए। उनका मानना है कि पर्यटन सिर्फ घूमने की चीज नहीं, बल्कि रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का बड़ा माध्यम है।
रांची के लोगों की उम्मीदें भी जुड़ी हैं
शहर का आम नागरिक चाहता है कि सड़कें बेहतर हों, ट्रैफिक कम हो, पार्क सुरक्षित रहें, बच्चों के खेलने की जगह बचे और शहर की पहचान खत्म न हो। लोग चाहते हैं कि विकास दिखे भी और महसूस भी हो। सिर्फ घोषणाओं में नहीं, रोजमर्रा की जिंदगी में। सीएम की इस बैठक से यही उम्मीद जगी है कि राजधानी रांची को नया चेहरा देने की तैयारी अब जमीन पर और तेज होगी।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू सुदिव्य कुमार सोनू, मुख्य सचिव अविनाश कुमार अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह अजय कुमार सिंह, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार प्रशांत कुमार, भवन निर्माण विभाग के सचिव अरवा राजकमल अरवा राजकमल, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार सुनील कुमार, योजना एवं विकास विभाग के सचिव मुकेश कुमार मुकेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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