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Ranchi : सुबह का वक्त था। रिजल्ट आने से पहले कई घरों में बेचैनी थी। कोई मोबाइल पर वेबसाइट रिफ्रेश कर रहा था, तो कोई चुपचाप भगवान का नाम ले रहा था। जैसे ही ISC और ICSE 2026 का रिजल्ट सामने आया, रांची के अरागेट महिलोंग स्थित BHA यानी बिशप हार्टमन अकादमी के बच्चों के चेहरों पर राहत और खुशी एक साथ दिखी। इस बार स्कूल का रिजल्ट 100% रहा। हर बच्चा पास हुआ। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि साल भर की मेहनत, नींद की कुर्बानी और सपनों का नतीजा है।
घर-घर में जश्न, आंखों में खुशी के आंसू
ज्योति कुमारी का नाम जैसे ही टॉपर्स में आया, उनके घर में खुशियों की लहर दौड़ गई। 87 प्रतिशत अंक के साथ साइंस में टॉप करने वाली ज्योति के माता-पिता की आंखें खुशी से भर आईं। उन्होंने बताया कि बेटी देर रात तक पढ़ाई करती थी, कई बार थक जाती थी, लेकिन हार नहीं मानी। कुछ ऐसा ही हाल साहित्य लकड़ा के घर का भी रहा। 10वीं में 96 प्रतिशत अंक लाकर टॉप करने वाले साहित्य की सफलता पर परिवार और मोहल्ले में मिठाई बांटी गई। पड़ोसी भी बधाई देने पहुंच गए।
स्कूल परिसर बना खुशी का केंद्र
रिजल्ट के बाद स्कूल परिसर में अलग ही नजारा था। बच्चे एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दे रहे थे। कोई अपने टीचर के पैर छू रहा था, तो कोई दोस्तों के साथ फोटो खिंचवा रहा था। शिक्षक भी बच्चों की सफलता से भावुक दिखे। उन्होंने कहा कि बच्चों ने कठिन समय में भी पढ़ाई नहीं छोड़ी और लगातार मेहनत करते रहे।

हर स्ट्रीम में दिखा दम
ISC 12वीं साइंस में ज्योति कुमारी ने 87 प्रतिशत अंक लाकर पहला स्थान हासिल किया। नैतिक कुमार सिंह 83.2 और बैजनाथ सिंह मुंडा 82 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप तीन में रहे। कॉमर्स में कृष कुमार ने 90.20 प्रतिशत अंक के साथ पहला स्थान पाया। शिवम श्रीवास्तव और तनुश्री कुमारी महतो ने भी शानदार प्रदर्शन किया। वहीं 10वीं में साहित्य लकड़ा, तनिष उरांव और आलोक कुमार महतो ने टॉप तीन में जगह बनाई। तेजस्वनी भारती, सुहाना राय और हिमांशु कुमार जैसे कई छात्रों ने 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल कर स्कूल का नाम ऊंचा किया।
मेहनत के पीछे छुपी छोटी-छोटी कहानियां
इन अंकों के पीछे कई अनकही कहानियां हैं। कोई बच्चा सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करता था, तो कोई रात देर तक जागकर नोट्स तैयार करता था। किसी के घर में पढ़ाई के लिए ज्यादा साधन नहीं थे, फिर भी उसने हार नहीं मानी। कई छात्रों ने बताया कि परीक्षा के दौरान तनाव भी था, लेकिन शिक्षकों और परिवार के सहयोग से उन्होंने खुद को संभाले रखा।
प्रिंसिपल ने बच्चों की मेहनत को दिया श्रेय
स्कूल के प्रिंसिपल फादर ऑस्वाल्ड मढ़ता ने कहा कि यह सफलता बच्चों की लगन और शिक्षकों के समर्पण का नतीजा है। उन्होंने कहा कि स्कूल का लक्ष्य सिर्फ अच्छे नंबर लाना नहीं, बल्कि बच्चों को अच्छा इंसान बनाना भी है।
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