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Dhanbad : धनबाद के पुटकी थाना क्षेत्र के गोपालिचक में सोमवार की सुबह एक सामान्य दिन की तरह शुरू हुई थी, लेकिन कुछ ही घंटों में यह दिन एक दर्दनाक हादसे में बदल गया। बीसीसीएल की सिंह नेचुरल आउटसोर्सिंग कंपनी की माइंस में सीनियर सुपरवाइजर रामस्वरूप चौहान की मौत हो गई। रामस्वरूप चौहान गोधर के रहने वाले थे और रोज की तरह समय पर ड्यूटी पर पहुंचे थे। परिवार के मुताबिक, वह पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने काम में लगे रहते थे और माइंस के अंदर कर्मियों की ड्यूटी भी संभालते थे।
माइंस के अंदर हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार, घटना के समय रामस्वरूप चौहान माइंस के अंदर कामकाज की निगरानी कर रहे थे और मजदूरों को ड्यूटी पर लगा रहे थे। तभी एक भारी वोल्वो वाहन वहां पहुंचा और अनियंत्रित होकर उन्हें कुचल दिया। हादसा इतना भयावह था कि वाहन उनके शरीर के ऊपर से गुजर गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही सब कुछ खत्म हो चुका था।
अस्पताल ले जाने की बात
परिजनों को कंपनी की तरफ से सूचना दी गई कि रामस्वरूप चौहान को अस्पताल ले जाया गया है। यह सुनकर परिवार के लोग तुरंत अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां का नजारा देखकर सब टूट गए। उन्हें बताया गया कि रामस्वरूप चौहान की मौत पहले ही हो चुकी थी और उनका शव अस्पताल में रखा गया है। इस घटना के बाद परिवार में गहरा सदमा है और पूरे घर का माहौल गमगीन हो गया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
स्थानीय लोगों और मजदूरों ने आउटसोर्सिंग कंपनी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि माइंस में सुरक्षा नियमों का पालन ठीक से नहीं किया जाता। खनन कार्य के दौरान धूल के घने गुबार उठते रहते हैं, जिससे दृश्यता काफी कम हो जाती है। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही और मजदूरों की मौजूदगी के बीच दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया जाता।
कंपनी और प्रशासन का रुख
कंपनी के इंचार्ज राम पांडेय ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुटकी थाना प्रभारी वकार हुसैन ने बताया कि यह एक गंभीर हादसा है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वाहन और घटनास्थल की स्थिति को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के हादसे आउटसोर्सिंग कंपनियों में अक्सर होते हैं, लेकिन हर बार केवल मुआवजे की घोषणा कर मामला शांत कर दिया जाता है। लोगों की मांग है कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा न हों। रामस्वरूप चौहान के निधन के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मातम का माहौल है और परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि लापरवाही का नतीजा है।
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