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Ranchi : राजधानी रांची के शांत और हरियाली से घिरे इलाके कांके के सुकुरहुट्टू में इन दिनों आध्यात्मिक माहौल गहराने लगा है। 5 से 11 मई तक आयोजित होने जा रही श्री शिव महापुराण कथा को लेकर न केवल श्रद्धालुओं में उत्साह है, बल्कि प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। सुकुरहुट्टू गौशाला मैदान में होने वाला यह सात दिवसीय आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और प्रशासनिक समन्वय का एक बड़ा उदाहरण बनने जा रहा है।
आस्था और आयोजन का संगम
शिव महापुराण कथा हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसमें भगवान शिव की महिमा, उनके विभिन्न स्वरूपों और जीवन दर्शन का वर्णन किया जाता है। ऐसे में इस कथा का आयोजन सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि लोगों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर भी होता है। आयोजन समिति के अध्यक्ष रमेश सिंह अनुसार इस बार कथा को भव्य रूप देने की तैयारी की गई है, जिसमें दूर-दराज के इलाकों से भी श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
मैदान से लेकर मंच तक तैयारियां अंतिम चरण में
सुकुरहुट्टू गौशाला मैदान में विशाल पंडाल तैयार किया जा रहा है। मंच को इस तरह डिजाइन किया गया है कि कथा वाचन हर कोने तक स्पष्ट रूप से सुनाई दे। प्रवेश और निकासी मार्गों को अलग-अलग रखा गया है, ताकि भीड़ का दबाव नियंत्रित किया जा सके।
पेयजल, शौचालय और बैठने की व्यवस्था को भी व्यवस्थित ढंग से विकसित किया गया है। गर्मी को ध्यान में रखते हुए छाया और वेंटिलेशन पर विशेष ध्यान दिया गया है।

एसडीएम से एसपी तक ने लिया जायजा
सोमवार को रांची सदर एसडीएम कुमार रजत, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह, रूरल एसपी गौरव गोस्वामी, डीएसपी मुख्यालय-1 अमर पांडेय समेत कई प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। उनके साथ कांके अंचल अधिकारी (सीओ), प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और कांके उप प्रमुख सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।अधिकारियों ने सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। ट्रैफिक व्यवस्था इस आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू मानी जा रही है, क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। पार्किंग स्थल अलग से चिन्हित किए गए हैं और वाहनों के लिए रूट प्लान तैयार किया जा रहा है।
सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों पर फोकस
कार्यक्रम के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम की तैनाती की जा रही है। एम्बुलेंस और प्राथमिक उपचार केंद्र भी मौके पर उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा, साफ-सफाई को लेकर भी प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
श्रद्धालुओं में उत्साह
स्थानीय लोगों के बीच इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह है। कई परिवार पूरे सात दिन कथा में शामिल होने की योजना बना रहे हैं। आसपास के गांवों और शहरों से भी लोगों के आने की संभावना है, जिससे यह आयोजन एक बड़े धार्मिक मेले का रूप ले सकता है। इस आयोजन की खास बात यह है कि इसमें प्रशासन और आयोजन समिति मिलकर काम कर रहे हैं। जहां एक ओर समिति धार्मिक कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटी है, वहीं प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि पूरा आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
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