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Ranchi : झारखंड में बढ़ते अपराध, नशीले पदार्थों की घुसपैठ और जमीन विवादों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को एक बार फिर प्रशासन और पुलिस को आईना दिखाया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई हाई लेवल बैठक में सीएम हेमंत सोरेन ने साफ शब्दों में कहा कि कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा।
यह बैठक सिर्फ फाइलों और रिपोर्टों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके केंद्र में आम आदमी की वह चिंता थी, जो हर शाम घर लौटते वक्त अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर परेशान रहता है। जो किसी अनजान कॉल पर अपनी बेटी का नाम सुनते ही घबरा जाता है और जो जमीन के कागज लेकर थाना-दफ्तर के चक्कर काटते-काटते थक जाता है। सीएम हेमंत ने पुलिस और प्रशासन से कहा कि जनता को डर के साए में नहीं, भरोसे के माहौल में जीने का अधिकार है।

लापता बच्चा, रोती मां और पुलिस की जिम्मेदारी
बैठक में मुख्यमंत्री का सबसे सख्त और संवेदनशील निर्देश लापता बच्चों और महिलाओं को लेकर रहा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। राज्य में अक्सर ऐसी खबरें सामने आती हैं, जहां किसी गांव की मां सुबह स्कूल भेजे बच्चे का शाम तक इंतजार करती रह जाती है। कभी बस स्टैंड पर बच्चा दिखता है, कभी किसी रेलवे स्टेशन पर, और कभी-कभी तो महीनों तक कोई सुराग नहीं मिलता। सीएम हेमंत ने अधिकारियों को कहा कि हर जिले में लापता मामलों को प्राथमिकता दें और जितने भी मामले लंबित हैं, उन पर तुरंत कार्रवाई कर सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी सिर्फ केस दर्ज करना नहीं, बल्कि परिवार को भरोसा देना भी है।
नशे का नेटवर्क हर हाल में करें ध्वस्त
सीएम हेमंत सोरेन ने नशीले पदार्थों के बढ़ते कारोबार को लेकर पुलिस को सीधे निर्देश दिए कि सप्लाई चेन पर ब्रेक लगाया जाए। उन्होंने कहा कि जो लोग नशे की खरीद-बिक्री में शामिल हैं, उनके खिलाफ सख्त अभियान चलाकर कार्रवाई हो। सीएम ने इस बात पर चिंता जताई कि स्कूल-कॉलेज के आसपास नशे का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। यह सिर्फ कानून का मामला नहीं है, बल्कि एक पूरी पीढ़ी को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन इलाकों में नशीले पदार्थों की बिक्री होती है, उन्हें चिन्हित कर लगातार निगरानी रखी जाए। आज कई परिवार ऐसे हैं, जहां पिता दिनभर मजदूरी कर घर चलाता है, लेकिन बेटा नशे की लत में पड़कर घर का माहौल बिगाड़ देता है। ऐसे में पुलिस की सक्रियता सिर्फ अपराध रोकना नहीं, बल्कि घरों को टूटने से बचाना भी है।

अफीम की खेती पर चोट, गांवों तक पहुंचे कार्रवाई
बैठक में सीएम हेमंत ने अफीम की खेती को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि खूंटी, चतरा और रांची जैसे जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए और अफीम की खेती को हर हाल में रोका जाए। सीएम ने निर्देश दिया कि केवल कार्रवाई करके लौट जाना काफी नहीं है, बल्कि गांवों में लोगों को जागरूक भी किया जाए। अफीम की खेती के पीछे अक्सर गरीबी, लालच और अपराधियों का दबाव काम करता है। कई बार गांव के गरीब किसान मजबूरी में इस अवैध काम में फंस जाते हैं और फिर पूरा गांव अपराध के घेरे में आ जाता है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाकर गांवों को अपराध के रास्ते से वापस लाना जरूरी है।
थाना जनता का दरवाजा बने, डर का नहीं
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे जनता से बेहतर समन्वय बनाएं। उन्होंने कहा कि एसपी, डीएसपी और थाना प्रभारी अपने कार्यालयों में तय समय पर मौजूद रहें और आम लोगों की समस्याएं सुनें। ग्रामीण इलाकों में आज भी कई लोग थाना जाने से डरते हैं। उन्हें लगता है कि वहां उनकी बात नहीं सुनी जाएगी या फिर उन्हें ही उल्टा फंसा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि पुलिस को ऐसा व्यवहार नहीं करना है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी सिर्फ शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों का भी नियमित दौरा करें और वहां की स्थिति समझें। मुख्यमंत्री का मानना है कि जब पुलिस गांव में पहुंचती है, लोगों से बात करती है, तो अपराधियों के हौसले खुद-ब-खुद कमजोर पड़ जाते हैं।
संगठित अपराध पर हो ताबड़तोड़ एक्शन, अब कोई बहाना नहीं
मुख्यमंत्री ने बैठक में संगठित अपराध को लेकर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में संगठित अपराध को किसी भी हालत में पनपने नहीं दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पुलिस को जरूरी संसाधन और सुविधाएं दे रही है, इसलिए कार्रवाई में कोई ढील नहीं होनी चाहिए। राज्य में कई जगहों पर संगठित अपराध का नेटवर्क जमीन, नशा, अवैध खनन और वसूली तक फैला हुआ है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि अब ऐसे अपराधियों के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है।
जमीन विवाद की आग, भू-माफियाओं पर कड़ा संदेश
बैठक में मुख्यमंत्री ने भूमि विवाद और भू-माफियाओं को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शहरी इलाकों से सटे क्षेत्रों में जमीन से जुड़े अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। अक्सर देखा जाता है कि कोई गरीब परिवार वर्षों से जिस जमीन पर रह रहा होता है, अचानक उस पर किसी माफिया की नजर पड़ जाती है। फिर धमकी, दबाव और मारपीट शुरू होती है। कई लोग डर के कारण शिकायत तक नहीं कर पाते। सीएम हेमंत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भू-माफियाओं को किसी भी तरह का संरक्षण न मिले। जमीन विवाद के मामलों में पुलिस कड़ी कार्रवाई करे और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो।

हिरासत में यातना या मौत पर सरकार सख्त
मुख्यमंत्री ने बैठक में एक संवेदनशील मुद्दे पर भी अधिकारियों को चेताया। उन्होंने कहा कि हिरासत में किसी भी तरह की यातना या मौत की घटना को सरकार बेहद गंभीरता से लेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस को कानून के दायरे में रहकर काम करना है और हर स्तर पर संवेदनशीलता जरूरी है।
बैठक में शामिल रहे बड़े अधिकारी
इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग वंदना दादेल, डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी, जिलों के पुलिस कप्तान और अन्य अधिकारी शामिल रहे।
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