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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ के सदर अस्पताल की ओपीडी में उस दिन रोज की तरह भीड़ थी। कोई बुखार से परेशान था, कोई दर्द से कराह रहा था, तो कोई अपने बच्चे को गोद में लिए इलाज की उम्मीद में लाइन में खड़ा था। इसी बीच अचानक अस्पताल परिसर में हलचल बढ़ गई। लोगों को पता चला कि जिले के डीसी ऋतुराज खुद सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे हैं। कुछ मरीजों के चेहरे पर राहत दिखी, तो कुछ पर डर भी, क्योंकि अक्सर लोग अस्पताल में इलाज के साथ-साथ व्यवस्था की परेशानियों से भी जूझते हैं। डीसी बिना किसी औपचारिकता के सीधे वार्ड और ओपीडी की तरफ बढ़ गए और एक-एक व्यवस्था को अपनी नजरों से देखने लगे।
मरीजों से आमने-सामने बातचीत, दर्द और शिकायतें भी सुनीं
निरीक्षण के दौरान डीसी ने वार्ड में भर्ती मरीजों के पास जाकर खुद उनसे बातचीत की। किसी मरीज ने दवा समय पर मिलने की बात कही, तो किसी ने यह बताया कि इलाज के लिए बार-बार पूछना पड़ता है। परिजनों ने भी अपनी परेशानियां साझा कीं। डीसी ने लोगों की बातें ध्यान से सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि अस्पताल में इलाज के नाम पर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी। मरीजों से बात करते हुए उन्होंने साफ कहा कि अस्पताल लोगों के भरोसे का केंद्र है और इस भरोसे को टूटने नहीं दिया जाएगा।

ड्यूटी रोस्टर देखा, डॉक्टरों की गैरहाजिरी पर सख्त तेवर
निरीक्षण के दौरान डीसी ने ड्यूटी रोस्टर की जांच की और अस्पताल स्टाफ से साफ शब्दों में कहा कि ओपीडी और वार्ड में डॉक्टरों की मौजूदगी तय समय पर होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि राउंड के समय डॉक्टरों की गैरहाजिरी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीसी ने बायोमेट्रिक उपस्थिति को लेकर भी सख्त निर्देश दिए और कहा कि उपस्थिति की व्यवस्था सिर्फ कागजों में नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए।
आयुष्मान योजना पर भी सवाल, मुफ्त इलाज हर जरूरतमंद तक पहुंचे
डीसी ने अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना की स्थिति भी जांची। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से पूछा कि क्या मरीजों को आयुष्मान कार्ड के तहत नि:शुल्क इलाज मिल रहा है या नहीं। उन्होंने निर्देश दिया कि योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और किसी मरीज को सिर्फ जानकारी के अभाव में इलाज से वंचित न रहना पड़े। डीसी ने कहा कि सरकार की योजना का मकसद यही है कि गरीब और जरूरतमंद परिवार इलाज के लिए परेशान न हों।

दवा स्टॉक रजिस्टर की जांच, बाहर से दवा खरीदने पर नाराजगी
निरीक्षण के दौरान डीसी ने दवाओं के स्टॉक रजिस्टर को भी देखा। उन्होंने डॉक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे केवल वही दवाएं लिखें जो अस्पताल में उपलब्ध हैं। डीसी ने कहा कि मरीज अस्पताल में इलाज कराने आता है, बाजार से दवा खरीदने के लिए नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि शत-प्रतिशत दवा अस्पताल से मिलनी चाहिए, ताकि मरीजों के परिवार पर आर्थिक बोझ न बढ़े।
साफ-सफाई और व्यवहार पर जोर, मरीजों से सम्मान से बात करने की हिदायत
अस्पताल परिसर में घूमते हुए डीसी ने स्वच्छता व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सफाई सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, मरीजों की सेहत के लिए जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिया कि मरीजों और उनके परिजनों से शालीनता से बात की जाए। कई बार मरीज इलाज से ज्यादा स्टाफ के व्यवहार से टूट जाता है। डीसी ने कहा कि अस्पताल में आने वाला हर व्यक्ति सम्मान का हकदार है।
इलाज में देरी और ड्यूटी से गायब रहने वालों पर होगी कार्रवाई
डीसी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि इलाज में देरी, मरीजों की अनदेखी या ड्यूटी से नदारद रहने वाले कर्मचारियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि व्यवस्था सुधारने की जरूरत है।
सिविल सर्जन को जिम्मेदारी, नियमित निगरानी के निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीसी ने सिविल सर्जन रामगढ़ को निर्देश दिया कि डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति पर नियमित निगरानी रखी जाए। साथ ही अस्पताल में दवा, सफाई और मरीजों की सुविधाओं को लेकर लगातार रिपोर्ट तैयार की जाए।
डीसी बोले- आखिरी व्यक्ति तक अच्छी स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना लक्ष्य
निरीक्षण के अंत में डीसी ऋतुराज ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के अंतिम व्यक्ति तक अच्छी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचे। उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में डॉक्टरों की समय पर उपलब्धता और मरीजों को सम्मानजनक इलाज मिलना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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