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Patna : बिहार की नई खेल मंत्री सह उद्योग मंत्री बनीं ओलंपियन खिलाड़ी श्रेयसी सिंह को लेकर खेल जगत में उत्साह का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और जनकल्याण शिव शक्ति हरिमोहन फाउंडेशन के संस्थापक हरिमोहन सिंह ने पटना सचिवालय पहुंचकर उनसे मुलाकात की और नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और खेल विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। हरिमोहन सिंह ने कहा कि एक युवा और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी को खेल और उद्योग जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिलना बिहार के लिए अच्छा संकेत है।
युवाओं में बढ़ा भरोसा
हरिमोहन सिंह ने कहा कि नई सरकार में युवाओं को प्रतिनिधित्व मिलने से प्रदेश के खिलाड़ियों और युवाओं में नया उत्साह पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि खेल और उद्योग दोनों ऐसे क्षेत्र हैं, जिनसे सीधे तौर पर युवाओं का भविष्य जुड़ा होता है। उनका मानना है कि श्रेयसी सिंह के अनुभव का फायदा बिहार के खिलाड़ियों को मिलेगा और राज्य में खेल सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम होगा। साथ ही उद्योग विभाग के जरिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।
खेल, कला संस्कृति और उद्योग पर रहेगा फोकस
हरिमोहन सिंह ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में बिहार में खेल, कला संस्कृति, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ बेहतर मंच और सही मार्गदर्शन की है। उन्होंने कहा कि अगर गांव और छोटे शहरों के खिलाड़ियों को सही ट्रेनिंग और सुविधाएं मिलें, तो बिहार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान बना सकता है।
खेल जगत में लंबा अनुभव रखते हैं हरिमोहन सिंह
हरिमोहन सिंह पिछले कई वर्षों से बिहार में खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। वह बिहार स्टेट सीनियर, जूनियर और सब जूनियर महिला टीम के कोच और प्रबंधक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा वह फर्स्ट खो-खो वर्ल्ड कप में भारत की ओर से इंटरनेशनल स्पोर्ट्स प्रमोटर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में भी हिस्सा ले चुके हैं। कई पैरा स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने तकनीकी पदाधिकारी और अधिकारी के तौर पर भूमिका निभाई है।
खेलो इंडिया यूथ गेम्स से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारी
हरिमोहन सिंह को खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 से पहले बिहार बालिका खो-खो टीम के प्रशिक्षण शिविर में असिस्टेंट कोच की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण की ओर से मिली इस जिम्मेदारी को उन्होंने अपने लिए सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब बिहार की बालक और बालिका खो-खो टीमें इतने बड़े मंच पर हिस्सा ले रही हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को लेकर पूरे राज्य की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।
मुंगेर के खिलाड़ियों को दिला चुके हैं पहचान
हरिमोहन सिंह ने कहा कि मुंगेर में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है। उनकी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया जाए। उन्होंने बताया कि अब तक उनके मार्गदर्शन में चार दर्जन से अधिक खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि और नौकरियों के जरिए सम्मानित किया जा रहा है, जिससे युवाओं का रुझान खेलों की तरफ बढ़ा है।
दिव्यांग और महिला खिलाड़ियों के लिए भी कर रहे काम
हरिमोहन सिंह पिछले 12 वर्षों से सामान्य और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने खो-खो, पैरा एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, स्विमिंग, ताइक्वांडो और अन्य खेलों में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया है। उनके सामाजिक और खेल क्षेत्र में योगदान के लिए बिहार के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और कई मंत्रियों द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।
खेल संगठनों ने भी जताई खुशी
श्रेयसी सिंह को मंत्री बनाए जाने पर जनकल्याण शिव शक्ति हरिमोहन फाउंडेशन, आर्ट कल्चरल एंड यूथ स्पोर्ट्स डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया, मुंगेर जिला खो-खो संघ, पैरा लॉन बाउल्स एसोसिएशन ऑफ बिहार और अन्य खेल संगठनों ने भी खुशी जताई है। खेल जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि नई खेल मंत्री से खिलाड़ियों को काफी उम्मीदें हैं और आने वाले समय में बिहार खेल के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।
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