अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Pakur (Jaydev Kumar) : रात गहरा चुकी थी। गोआलपाड़ा गांव के ज्यादातर घरों में लोग नींद की तैयारी कर रहे थे। चारों तरफ सन्नाटा पसरा था। तभी सोनू कुमार के घर में एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे परिवार की नींद उड़ा दी। घर के भीतर एक जहरीला मोनोकल्ड कोबरा घुस आया था। जैसे ही परिवार की नजर उस पर पड़ी, कुछ पल के लिए हर कोई सहम गया। जिस सांप को लोग आम भाषा में केउटिया कहते हैं, वह फन फैलाकर घर के अंदर फुफकार मार रहा था। एक छोटी सी चूक किसी बड़े हादसे में बदल सकती थी।
घर के भीतर दिखी हलचल, फिर सामने आया खौफनाक सच
परिवार के सदस्य जब घर के एक हिस्से में पहुंचे तो उन्हें कुछ हलचल महसूस हुई। पहले लगा कि कोई सामान्य जीव होगा, लेकिन अगले ही पल जो नजारा सामने आया, उसने सबको पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। सामने एक बड़ा कोबरा फन फैलाकर बैठा था। सांप को देखते ही घर में चीख-पुकार मच गई। बच्चों और महिलाओं को तुरंत सुरक्षित जगह पर भेजा गया। परिवार के लोग खुद भी डर के साये में आ गए। गांव में यह खबर फैलते देर नहीं लगी। देखते ही देखते आसपास के लोग भी घर के बाहर जुटने लगे।
रात के सन्नाटे में अचानक फन फैलाये फुफकारने लगा मौत का मेहमान, फिर…
पाकुड़ में जहरीला मोनोकल्ड कोबरा घर में घुस, मची अफरा-तफरी। #Pakur #Jharkhand #CobraRescue #MonocledCobra #SnakeRescue #BreakingNews #TrendingNews #NewsSamvad pic.twitter.com/QLKQu3jekp— News Samvad (@newssamvaad) May 29, 2026
एक फोन कॉल और शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत वन्यजीव संरक्षक अशरफुल शेख को सूचना दी गई। खबर मिलते ही वे अपने रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे। घर के अंदर प्रवेश करने से पहले उन्होंने पूरे इलाके का जायजा लिया। कोबरा लगातार सतर्क था और हलचल होते ही फन फैलाकर प्रतिक्रिया दे रहा था। ऐसे में रेस्क्यू करना आसान नहीं था। काफी सावधानी और अनुभव का परिचय देते हुए अशरफुल शेख ने धीरे-धीरे सांप को नियंत्रित किया। कुछ मिनट तक चले इस रोमांचक अभियान के बाद आखिरकार कोबरा को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया। जैसे ही सांप पकड़ा गया, परिवार और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
फन पर बना गोल निशान पहचान है मोनोकल्ड कोबरा की
अशरफुल शेख ने बताया कि यह मोनोकल्ड कोबरा था। इसकी सबसे बड़ी पहचान इसके फन पर बना गोलाकार निशान होता है। यही कारण है कि यह दूसरे कोबरा प्रजातियों से अलग नजर आता है। उन्होंने बताया कि यह सांप बेहद विषैला होता है। इसके जहर का असर इंसानी शरीर पर तेजी से पड़ता है। इसलिए ऐसे सांप के सामने आने पर घबराने के बजाय तुरंत विशेषज्ञों को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित तरीका है। रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित कंटेनर में रखा गया है। वन्यजीव संरक्षक के अनुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद इसे इसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा।
इसे भी पढ़ें : फर्जी चालान के सहारे पत्थर का खेल, बॉर्डर पर पकड़ा गया 18 चक्का ट्रेलर

