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Pakur (Jaydev Kumar) : झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर खनन विभाग की कार्रवाई में अवैध पत्थर परिवहन का बड़ा मामला सामने आया है। फर्जी माइनिंग चालान के सहारे स्टोन चिप्स लेकर जा रहे एक 18 चक्का ट्रेलर को अधिकारियों ने जब्त कर लिया। वाहन में करीब 1100 घनफुट से अधिक स्टोन चिप्स लदा हुआ था। जांच में दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद वाहन को जब्त कर मुफ्फसिल थाना के हवाले कर दिया गया है।
सीमा पर चल रही थी जांच, तभी पहुंचा ट्रेलर
जानकारी के अनुसार जिला खनन पदाधिकारी राजेश कुमार के निर्देश पर खान निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह और नवीन कुजुर सीमा क्षेत्र के चेक नाका पर औचक जांच अभियान चला रहे थे। इस दौरान आने-जाने वाले खनिज वाहनों के दस्तावेजों की जांच की जा रही थी। इसी बीच 18 चक्का ट्रेलर संख्या WB93E-5262 वहां पहुंचा। अधिकारियों ने वाहन को रोककर चालक से माइनिंग चालान और अन्य जरूरी कागजात मांगे।
पोर्टल पर जांच करते ही खुल गई पोल
चालक ने अधिकारियों को परिवहन चालान दिखाया। पहली नजर में ही दस्तावेजों पर संदेह हुआ, जिसके बाद अधिकारियों ने तत्काल ऑनलाइन पोर्टल पर चालान का सत्यापन किया। जांच में पता चला कि जिस चालान के आधार पर वाहन पत्थर लेकर जा रहा था, वह सिस्टम पर जारी ही नहीं हुआ था। यानी पूरा दस्तावेज फर्जी था। इसके बाद अधिकारियों ने वाहन को मौके पर ही जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
कार्रवाई के दौरान चालक हुआ फरार
जांच के दौरान जब चालक को कार्रवाई की भनक लगी तो वह मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। हालांकि अधिकारियों ने वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रेलर को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मुफ्फसिल थाना को सौंप दिया गया। मामले में वाहन मालिक के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गई है।
सरकार को होता है भारी राजस्व नुकसान
खान निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह ने बताया कि फर्जी माइनिंग चालान के जरिए खनिज परिवहन करना गंभीर अपराध है। इस तरह की गतिविधियों से सरकार को राजस्व का बड़ा नुकसान होता है और अवैध खनन को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि विभाग लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए है और किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
खनन विभाग का कहना है कि जिले में अवैध खनिज परिवहन और फर्जी चालान के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जाएगा। सीमा क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर नियमित जांच की जाएगी ताकि अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि लगातार हो रही कार्रवाई से अवैध खनिज कारोबार में शामिल लोगों पर दबाव बनेगा और सरकार के राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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