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News Samvad : अक्सर लोग मानते हैं कि दांतों का गिरना सिर्फ बढ़ती उम्र की निशानी है, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता। आजकल कई लोगों में कम उम्र में ही दांत कमजोर होकर टूटने या गिरने की समस्या देखने को मिल रही है। यह सिर्फ दांतों की परेशानी नहीं, बल्कि शरीर के अंदर चल रही किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कम उम्र में दांत गिरने लगें तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
विटामिन D और कैल्शियम की कमी बढ़ा सकती है खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार दांतों को मजबूत बनाए रखने के लिए शरीर में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम और विटामिन D होना बेहद जरूरी है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, इन पोषक तत्वों की कमी होने पर दांतों का इनेमल कमजोर होने लगता है और दांतों को सहारा देने वाली हड्डियां भी प्रभावित हो सकती हैं।जब दांत और जबड़े की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, तो दांतों में सड़न, टूट-फूट और समय से पहले गिरने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर ऐसे लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है जो संतुलित आहार नहीं लेते या धूप में कम समय बिताते हैं।
दांत गिरने के पीछे ये कारण भी हो सकते हैं जिम्मेदार
कम उम्र में दांत गिरने की वजह सिर्फ विटामिन की कमी ही नहीं होती। इसके पीछे कई दूसरी वजहें भी हो सकती हैं।
दांतों की सड़न
अगर कैविटी या दांतों की सड़न का समय पर इलाज नहीं कराया जाए तो धीरे-धीरे दांत कमजोर होने लगते हैं। संक्रमण बढ़ने पर दांत टूट भी सकता है या निकालना पड़ सकता है।
मसूड़ों की बीमारी
मसूड़ों में सूजन, खून आना या संक्रमण जैसी समस्याएं भी दांतों को नुकसान पहुंचाती हैं। जब मसूड़ों और आसपास की हड्डी पर असर पड़ता है तो दांत ढीले होने लगते हैं और आखिरकार गिर सकते हैं।
चोट या दुर्घटना
खेलते समय लगी चोट, सड़क दुर्घटना या किसी अन्य हादसे में दांत क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। बच्चों, किशोरों और खिलाड़ियों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।
गलत आदतें
दांत पीसने की आदत, तंबाकू और सिगरेट का सेवन, साथ ही मुंह की सफाई पर ध्यान न देना भी दांतों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। ये आदतें लंबे समय में दांतों और मसूड़ों दोनों को कमजोर कर देती हैं।
दांत झड़ना सिर्फ सुंदरता का मामला नहीं
बहुत से लोग सोचते हैं कि एक-दो दांत टूट जाने या गिर जाने से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, लेकिन सच्चाई इससे अलग है। दांत सिर्फ मुस्कान को सुंदर बनाने के लिए नहीं होते, बल्कि खाना चबाने, साफ बोलने और जबड़े की सही बनावट बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।जब कोई दांत निकल जाता है तो उसके आसपास के दांत खाली जगह की ओर खिसकने लगते हैं। इससे दांतों की पोजिशन बिगड़ सकती है और खाना चबाने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा बाकी दांतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से वे भी कमजोर हो सकते हैं।
पोषण और आत्मविश्वास पर भी पड़ता है असर
दांतों की कमी के कारण कई लोग सख्त या पौष्टिक चीजें खाने से बचने लगते हैं। इससे शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता। इसके साथ ही कई लोगों का आत्मविश्वास भी प्रभावित होता है। वे खुलकर मुस्कुराने या लोगों के सामने बात करने में असहज महसूस करने लगते हैं।
दांतों को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय
विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ साधारण आदतों को अपनाकर समय से पहले दांत गिरने के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
- नियमित रूप से डेंटल चेकअप और क्लीनिंग करवाएं।
- दांतों की सड़न और मसूड़ों की समस्या का शुरुआती दौर में ही इलाज कराएं।
- खेलकूद के दौरान माउथगार्ड का इस्तेमाल करें।
- दांत पीसने या भींचने की आदत है तो डॉक्टर से सलाह लें।
- रोजाना दो बार ब्रश करें और मुंह की साफ-सफाई का ध्यान रखें।
- कैल्शियम और विटामिन D से भरपूर संतुलित आहार लें।
छोटी लापरवाही बन सकती है बड़ी परेशानी
डेंटल विशेषज्ञों का मानना है कि दांतों से जुड़ी छोटी समस्याओं को समय रहते पहचानना और उनका इलाज कराना बेहद जरूरी है। सही देखभाल, संतुलित खानपान और नियमित जांच की मदद से दांतों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। अगर कम उम्र में दांत कमजोर होने या गिरने के संकेत दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

