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Patna : बिहार विभूति स्वर्गीय डॉ अनुग्रह नारायण सिंह की जयंती के मौके पर सीएम सम्राट चौधरी ने उन्हें याद करते हुए कहा कि उनका जीवन, संघर्ष और जनसेवा की भावना आज भी समाज और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सीएम ने बिहार विधानमंडल परिसर स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को नमन किया। राजकीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह उन नेताओं में थे जिन्होंने अपने पूरे जीवन को जनता और बिहार के विकास के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि अनुग्रह बाबू की ईमानदारी, सादगी और कार्यशैली आज भी लोगों के लिए मिसाल है।
बिहार के निर्माण में निभाई थी बड़ी भूमिका
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर बिहार के विकास तक डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। उन्होंने राज्य की प्रशासनिक और आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करने में अहम योगदान दिया। यही वजह है कि आज भी उन्हें सम्मान के साथ “बिहार विभूति” के नाम से याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्वों की जयंती सिर्फ श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं होती, बल्कि उनके विचारों और मूल्यों को आत्मसात करने का भी मौका होती है।
नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी दी श्रद्धांजलि
समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी समेत राज्य सरकार के कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता और गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार भी शामिल हुए। इसके अलावा विधायक श्याम रजक, विधायक माधव आनंद, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, विधान पार्षद कुमुद वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी उन्हें नमन किया।

देशभक्ति गीतों से गूंजा परिसर
जयंती समारोह के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। आरती पूजन के बाद राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान, बिहार गीत और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई। इन प्रस्तुतियों ने पूरे कार्यक्रम को श्रद्धा और सम्मान के माहौल से भर दिया।
लोगों ने याद किया अनुग्रह बाबू का योगदान
समारोह में मौजूद लोगों ने कहा कि डॉ. अनुग्रह नारायण सिंह का जीवन सार्वजनिक सेवा, ईमानदारी और समर्पण का प्रतीक रहा है। बिहार के विकास में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम आने वाली पीढ़ियों को उनके आदर्शों से परिचित कराने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी बना।
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