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News Samvad: आंखें चेहरे की खूबसूरती का सबसे अहम हिस्सा होती हैं। लेकिन जब आंखों के नीचे काले घेरे या सूजन आ जाती है, तो चेहरा थका हुआ और फीका नजर आने लगता है। पहले यह समस्या बढ़ती उम्र के लोगों में ज्यादा देखी जाती थी, लेकिन अब कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह बदलती लाइफस्टाइल, देर रात तक जागना, घंटों मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल, तनाव और अनियमित खानपान है। हालांकि, अगर समय रहते इसकी वजह समझ ली जाए और कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए, तो इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
कई वजहों से बनते हैं डार्क सर्कल्स
विशेषज्ञों के अनुसार डार्क सर्कल्स सिर्फ नींद की कमी से नहीं होते। बढ़ती उम्र, एलर्जी, आनुवंशिक कारण, बार-बार आंखें रगड़ने की आदत, शरीर में पानी की कमी, लंबे समय तक धूप में रहना और एनीमिया जैसी समस्याएं भी इसके पीछे हो सकती हैं। कई बार लगातार तनाव और थकान भी आंखों के नीचे की त्वचा को प्रभावित करती है।
रोजमर्रा की आदतों में करें बदलाव
डॉक्टरों का कहना है कि रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद, पर्याप्त पानी पीना और स्क्रीन टाइम कम करना डार्क सर्कल्स से बचाव के सबसे आसान तरीके हैं। घर से बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल भी जरूरी है, क्योंकि तेज धूप त्वचा को नुकसान पहुंचाती है। इसके अलावा धूम्रपान और शराब से दूरी बनाकर रखने से भी त्वचा स्वस्थ रहती है।
घरेलू उपाय भी आ सकते हैं काम
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, आंखों पर ठंडे खीरे के टुकड़े या ग्रीन टी बैग रखने से आंखों को आराम मिलता है और सूजन कम हो सकती है। वहीं, आलू का रस और बादाम का तेल भी आंखों के नीचे की त्वचा की देखभाल में मददगार माने जाते हैं। हालांकि, इन उपायों का असर धीरे-धीरे दिखाई देता है, इसलिए नियमितता जरूरी है।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
अगर डार्क सर्कल्स लंबे समय तक बने रहें, तेजी से बढ़ने लगें या उनके साथ सूजन, दर्द या दूसरी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी हों, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। कई बार यह किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। इसलिए घरेलू उपायों के साथ जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय जांच भी करानी चाहिए।

