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Patna : बिहार के दरभंगा जिले में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने और किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा मेगा प्लान तैयार किया है। सरकार का मुख्य मकसद सकरी और रैयाम में खुल रही नई चीनी मिलों के लिए गन्ने की कमी को दूर करना है। इसके लिए ‘गन्ना क्षेत्र विस्तार अभियान 2026’ की शुरुआत की जा रही है, जिसमें सरकार के चार बड़े विभाग मिलकर काम करेंगे।
राज्य स्तर पर अधिकारियों की बैठक में बनी रणनीति
दरभंगा में इस बड़े अभियान को शुरू करने से पहले, पटना में 2 जुलाई को गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल बैठक हुई थी। इस बैठक में सचिव ने निर्देश दिए थे कि जिला, प्रखंड (ब्लॉक) और पंचायत स्तर पर कमेटियों को तुरंत एक्टिव किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि किसानों को गन्ने की खेती के लिए न सिर्फ जागरूक किया जाए, बल्कि उन्हें जरूरी सुविधाएं, तकनीकी मदद और सरकारी योजनाओं का लाभ भी समय पर मिले।
DM की बैठक में तय हुआ पूरा एक्शन प्लान
राज्य सरकार के इसी आदेश को जमीन पर लागू करने के लिए आज दरभंगा के डीएम की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी और गन्ना उद्योग विभाग के सहायक निदेशक शामिल हुए। बैठक में अधिकारियों ने सकरी और रैयाम चीनी मिलों के आसपास के इलाकों में गन्ने का उत्पादन बढ़ाने का पूरा खाका तैयार किया। डीएम ने सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे किसानों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहें।
चार विभागों की टीमें मिलकर करेंगी काम
इस अभियान को बड़े स्तर पर चलाने के लिए राज्य, जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर कमेटियों का गठन किया गया है। इस पूरे प्लान को कामयाब बनाने के लिए चार प्रमुख विभागों को एक साथ जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें गन्ना उद्योग विभाग, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग शामिल हैं। ये सभी विभाग आपस में तालमेल बिठाकर काम करेंगे। जिला स्तर के बड़े अधिकारी खुद गन्ना विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर गांवों का दौरा करेंगे और किसानों को ज्यादा से ज्यादा गन्ने की खेती करने के लिए प्रेरित करेंगे।
अधिकारी खुद पहुंचेंगे खेत, मौके पर ही दूर होगी हर परेशानी
इस पूरी योजना की सबसे खास बात यह है कि अब अधिकारियों को दफ्तर में बैठने के बजाय सीधे जमीन पर उतरना होगा। पंचायत और प्रखंड स्तर के कर्मचारी सीधे किसानों के घर और उनके खेतों तक पहुंचेंगे। वे किसानों को गन्ने की नई तकनीकों के बारे में बताएंगे और सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के जरिए गांवों में लाउडस्पीकर, पोस्टर और अन्य माध्यमों से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके अलावा, अगर किसानों को गन्ने की बुआई, बीज या खाद मिलने में कोई भी दिक्कत आती है, तो अधिकारी मौके पर ही मौजूद रहकर उस समस्या का तुरंत समाधान करेंगे।
सरकार को पूरी उम्मीद है कि चारों विभागों के इस मिले-जुले प्रयास और अधिकारियों की मुस्तैदी से दरभंगा के किसान एक बार फिर गन्ने की खेती की तरफ रुख करेंगे। इससे जहां बंद पड़ी चीनी मिलों को नया जीवन मिलेगा, वहीं स्थानीय किसानों की आर्थिक स्थिति में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
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