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Patna : बिहार में सड़कों और एक्सप्रेसवे का जाल बिछाने की तैयारी अब और तेज होने वाली है। राज्य में चल रही बड़ी सड़क परियोजनाओं के रास्ते में आने वाली रुकावटों को दूर करने के लिए पटना में हाई लेवल मीटिंग की गई। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बिजली के पोल हटाने, नहरों से एनओसी लेने और पानी की पाइपलाइनों को शिफ्ट करने जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई और अफसरों को सख्त निर्देश दिए गए।
इस बैठक में NBPDCL और SBPDCL के एमडी, पथ निर्माण विभाग की विशेष सचिव डॉ. शैलजा शर्मा और कई अन्य विभागों के बड़े अधिकारी शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिलों के अधिकारी भी इससे जुड़े।
अरवल-बिहारशरीफ फोरलेन (NH-33)
यह 89 किलोमीटर लंबी सड़क अरवल, जहानाबाद और नालंदा जिलों को आपस में जोड़ती है। इस रास्ते में बिजली के खंभे और हाई-टेंशन लाइनें रुकावट बन रही हैं। इसके लिए अरवल, जहानाबाद, पटना ग्रामीण और एकंगरसराय इलाकों में सर्वे का काम पूरा हो चुका है। सचिव ने निर्देश दिया है कि खर्च का आकलन तुरंत तय करके बिजली लाइनों को हटाने का काम शुरू किया जाए।

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे
बिहार के पूर्व से पश्चिम हिस्से को जोड़ने वाला यह एक बेहद खास ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है। इसके रास्ते में पानी की पाइपलाइनें, चापाकल और सीवरेज आ रहे हैं। दरभंगा, समस्तीपुर और सहरसा के इंजीनियरों को निर्देश दिया गया है कि वे पाइपलाइन शिफ्ट करने के खर्च की रिपोर्ट जल्द से जल्द मंजूर करके मुख्यालय भेजें।
मशरख-चकिया-भिट्ठामोड़ (राम जानकी मार्ग)
धार्मिक और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण इस सड़क के रास्ते में सारण, गोपालगंज और पूर्वी चंपारण की कुछ नहरें आ रही हैं। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को कहा गया है कि वे जमीन पर जाकर मुआयना करें और एक हफ्ते के भीतर अपनी मंजूरी (एनओसी) दे दें।
जयनगर उत्तरी और दक्षिणी बाईपास (NH-227)
जयनगर शहर को जाम की समस्या से बचाने के लिए करीब 20 किलोमीटर लंबा बाईपास बनाया जा रहा है। झंझारपुर इलाके में बाढ़ नियंत्रण विभाग के साथ मिलकर सर्वे पूरा कर लिया गया है और मंजूरी के लिए तकनीकी रिपोर्ट आगे बढ़ा दी गई है।
बेतिया-मंगलपुर सड़क परियोजना
पश्चिम और पूर्वी चंपारण को जोड़ने वाली इस सड़क के काम में तेजी लाने के लिए बिजली के पोल और रेलवे क्रॉसिंग से जुड़े मामलों को सुलझाया जा रहा है। मोतिहारी और बेतिया में इस काम को प्राथमिकता पर रखने को कहा गया है।
मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा फोरलेन और मणिकपुर-साहिबगंज मार्ग
भारत और नेपाल सीमा को जोड़ने वाले इस 86.80 किलोमीटर लंबे मार्ग और साहिबगंज-मणिकपुर परियोजना के बीच कई नहरें आ रही हैं, जिन पर पुल या क्रॉसिंग बननी है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इससे जुड़े सभी पेंडिंग मामलों को इसी हफ्ते सुलझा लिया जाए।
लेटलतीफी पर होगी कार्रवाई
काम को बिना किसी रुकावट के समय पर पूरा करने के लिए सचिव पंकज कुमार पाल ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब हर विभाग में एक ‘नोडल अधिकारी’ तय किया जाएगा, जो हर हफ्ते काम की प्रगति की रिपोर्ट देगा। सचिव ने साफ लफ्जों में कहा कि इन जरूरी सड़कों के काम में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन सड़कों के बन जाने से बिहार में सफर आसान होगा, व्यापार बढ़ेगा और किसानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने में बड़ी सहूलियत मिलेगी।
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