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Ranchi : रांची की ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथयात्रा में इस बार सिर्फ श्रद्धालुओं की भीड़ ही चर्चा में नहीं रही, बल्कि जिला प्रशासन की मुस्तैदी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी। रथयात्रा शुरू होने से लेकर भगवान जगन्नाथ के मौसीबाड़ी पहुंचने तक DC मंजूनाथ भजंत्री और SSP राकेश रंजन खुद पूरे समय मेला क्षेत्र में मौजूद रहे। दोनों अधिकारी कभी मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं का जायजा लेते दिखे तो कभी कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे मेले पर नजर रखते रहे। रथयात्रा के दौरान जैसे ही भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा रथ पर विराजमान होकर निकले, पूरा इलाका जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंज उठा। हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ रथ की रस्सियां थाम लीं और भगवान के रथ को मौसीबाड़ी की ओर खींचना शुरू किया। हर तरफ भक्ति, उत्साह और उल्लास का माहौल दिखाई दिया।
कंट्रोल रूम से लेते रहे हर पल की जानकारी
इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने इस बार तकनीक का भी पूरा इस्तेमाल किया। मंदिर परिसर में बने कंट्रोल रूम से DC और SSP लगातार पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी करते रहे। अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की मदद से भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी गई। जहां भी भीड़ का दबाव बढ़ता दिखा, वहां तुरंत मौके पर तैनात अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए। इसका असर यह रहा कि पूरे आयोजन के दौरान कहीं भी अफरा-तफरी जैसी स्थिति नहीं बनी और श्रद्धालु आराम से भगवान के दर्शन कर सके।

मेला क्षेत्र में हर मोर्चे पर दिखी तैयारी
जिला प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी। पूरे मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी, यातायात पुलिस और क्यूआरटी की तैनाती की गई थी। इसके साथ ही चिकित्सा दल, एंबुलेंस, अग्निशमन दल, पेयजल और स्वच्छता की भी पूरी व्यवस्था की गई थी। यातायात व्यवस्था को भी विशेष रूप से व्यवस्थित किया गया ताकि मेला क्षेत्र में आने और जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। प्रमुख चौराहों और रास्तों पर पुलिसकर्मी लगातार तैनात रहे और यातायात को नियंत्रित करते रहे।
अधिकारियों के साथ लगातार करते रहे निरीक्षण
रथयात्रा के दौरान DC और SSP के साथ सिटी एसपी पारस राणा, ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह, सदर एसडीएम कुमार रजत, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर धनंजय, जिला नजारत समाहर्ता, डीपीआरओ उर्वशी पांडेय समेत कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार मेला क्षेत्र में सक्रिय रहे। सभी अधिकारी अलग-अलग सेक्टर में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे और जरूरत पड़ने पर मौके पर ही निर्देश भी देते रहे।
25 जुलाई तक रहेगी विशेष चौकसी
DC मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घूरती रथ यात्रा और 25 जुलाई तक चलने वाले मेले के दौरान भी इसी तरह पूरी सतर्कता बनाए रखी जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ लगातार काम करते रहेंगे।
रांची की सबसे बड़ी धार्मिक पहचान
करीब तीन सौ वर्षों से निकल रही जगन्नाथपुर रथयात्रा रांची की सबसे बड़ी धार्मिक परंपराओं में शामिल है। हर साल झारखंड के अलग-अलग जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच भक्ति, अनुशासन और प्रशासन की बेहतर तैयारी ने आयोजन को शांतिपूर्ण और सफल बना दिया। भगवान जगन्नाथ के दर्शन के बाद श्रद्धालु चेहरे पर संतोष और मन में अगली रथयात्रा का इंतजार लेकर अपने घर लौटते नजर आए।
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