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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : सरकारी योजनाएं सिर्फ फाइलों तक सीमित हैं या उनका फायदा सचमुच लोगों तक पहुंच रहा है? कहीं पेंशन के लिए बुजुर्ग दफ्तरों के चक्कर तो नहीं लगा रहे? अनुकंपा नियुक्ति के मामले महीनों से अटके तो नहीं हैं? इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने गुरुवार को झारखंड विधानसभा की सदाचार समिति रामगढ़ पहुंची। परिसदन के सभाकक्ष में हुई समीक्षा बैठक में समिति के सभापति रामचंद्र सिंह और सदस्य चंद्रदेव महतो ने जिले के लगभग सभी प्रमुख विभागों के अधिकारियों को बुलाकर एक-एक योजना का हिसाब लिया। बैठक के दौरान साफ संदेश दिया गया कि जनता से जुड़े मामलों में अब अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं होगी।
सबसे पहले उठाया लंबित मामलों का मुद्दा
बैठक की शुरुआत ही उन मामलों से हुई जो लंबे समय से लंबित पड़े हैं। अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन स्वीकृति और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कई मामलों की समीक्षा की गई। समिति के सभापति रामचंद्र सिंह ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को सिर्फ फाइलों की वजह से परेशान नहीं होना चाहिए। जिन मामलों का निपटारा लंबे समय से नहीं हो पाया है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए। साथ ही हर विभाग अपनी अद्यतन रिपोर्ट भी समिति को उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का असली उद्देश्य लोगों को राहत देना है। अगर लाभुकों तक समय पर योजना का लाभ नहीं पहुंच रहा है तो उस व्यवस्था में सुधार करना जरूरी है।

पुलिस से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य तक हर विभाग से मांगा जवाब
बैठक में पुलिस विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, खाद्य आपूर्ति, भवन निर्माण, पथ निर्माण, खनन, शहरी विकास, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, कल्याण, कृषि, शिक्षा, निबंधन और जिला योजना सहित कई विभागों की अलग-अलग समीक्षा की गई। हर विभाग के अधिकारियों ने अपने-अपने कामकाज का ब्यौरा रखा। उन्होंने बताया कि योजनाओं पर कितना काम हुआ है, किन वजहों से कुछ परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं और उन्हें पूरा करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। समिति ने कई बिंदुओं पर अधिकारियों से सवाल भी पूछे और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर दिया सबसे ज्यादा जोर
बैठक के दौरान सभापति रामचंद्र सिंह ने कहा कि सदाचार समिति का उद्देश्य केवल समीक्षा करना नहीं है, बल्कि प्रशासन को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाना भी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता के साथ किया जाए। सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे, यह हर विभाग की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
विभागों से कहा, मिलकर काम करें तभी दिखेगा असर
समिति ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि अलग-अलग विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। कई योजनाएं ऐसी होती हैं जिनमें एक से अधिक विभागों की भूमिका होती है। ऐसे मामलों में तालमेल बेहतर होगा तो काम भी तेजी से पूरा होगा और लोगों को समय पर लाभ मिलेगा। समिति ने कहा कि विकास योजनाओं की गति बढ़ाने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उनका क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता के साथ हो और लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचे।
सीनियर अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त, डीएमसपी (मुख्यालय), विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय सीनियर अधिकारी और संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के अंत में समिति ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाई जाए और जनहित से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाए, ताकि लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना अनावश्यक इंतजार के मिल सके।
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