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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ के होनहार छात्र यश आनंद ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता जरूर मिलती है। NEET 2026 के नतीजों में यश ने 565 अंक हासिल कर अखिल भारतीय रैंक (AIR) 26,294 प्राप्त की है। इस उपलब्धि के बाद उनके घर में खुशी का माहौल है। परिवार, रिश्तेदार और शुभचिंतक लगातार उन्हें बधाई दे रहे हैं। यश की सफलता उन हजारों छात्रों के लिए भी प्रेरणा है जो डॉक्टर बनने का सपना लेकर तैयारी कर रहे हैं।
स्कूल के दिनों से ही पढ़ाई में रहे अव्वल
यश आनंद शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रहे हैं। उन्होंने सेंट जोसेफ स्कूल, पाकुड़ से 10वीं की परीक्षा पास की और 95.8 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने चिन्मय विद्यालय, बोकारो से 12वीं की पढ़ाई पूरी की, जहां भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने 94.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर यह साबित कर दिया कि सफलता कोई संयोग नहीं, बल्कि लगातार मेहनत का परिणाम होती है।
दिल्ली में रहकर की तैयारी, मेहनत का मिला इनाम
12वीं के बाद यश ने अपना पूरा ध्यान मेडिकल प्रवेश परीक्षा पर लगाया। बेहतर तैयारी के लिए उन्होंने दिल्ली स्थित आकाश इंस्टीट्यूट में एक वर्ष तक नियमित अध्ययन किया। इस दौरान उन्होंने अनुशासित दिनचर्या अपनाई और लगातार अभ्यास पर जोर दिया। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने NEET 2026 में 565 अंक हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर शानदार रैंक प्राप्त की।
परिवार बना सबसे बड़ी ताकत
यश की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का भी अहम योगदान रहा। उनके पिता गंगाधर मिश्रा और माता अरुणा मिश्रा ने हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाया। वहीं चाचा आनंद मिश्रा और चाची मोना पांडेय ने भी उन्हें लगातार प्रेरित किया। परिवार का कहना है कि यश ने कभी मेहनत से समझौता नहीं किया और उसी का परिणाम आज सबके सामने है।
डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है सपना
यश आनंद का सपना एक सफल डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना है। उनका मानना है कि मेडिकल क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी भी है। अब वे अच्छे मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेकर आगे की पढ़ाई पूरी करने की तैयारी में जुट गए हैं।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा
NEET जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल करना आसान नहीं होता। हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सफलता उन्हीं को मिलती है जो धैर्य, अनुशासन और लगातार मेहनत बनाए रखते हैं। यश आनंद की उपलब्धि यह संदेश देती है कि सही दिशा में की गई तैयारी और परिवार का सहयोग किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उनकी इस सफलता ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम भी रोशन किया है।
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