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Sheohar/Muzaffarpur : बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने देश को बाढ़ और सुखाड़ से बचाने के लिए नदी जोड़ने का जो सपना देखा था, उसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार की धरती पर उतारा जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार जल संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन और किसानों की समृद्धि के लिए पूरी तरह मुस्तैद है और ये नदी जोड़ो परियोजनाएं विकसित बिहार के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाएंगी। मुख्यमंत्री शिवहर जिले के पिपराही प्रखंड के बेलवा में आयोजित एक भव्य समारोह में बोल रहे थे, जहां उन्होंने बागमती-बूढ़ी गंडक नदी जोड़ परियोजना का लोकार्पण किया।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत करीब 130.88 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से 68.80 किलोमीटर लंबी बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल (बेलवाधार) को तैयार किया गया है। फीता काटकर उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने खुद पूरी लिंक चैनल का बारीकी से निरीक्षण किया और पानी के बहाव की व्यवस्था को देखा। इस दौरान उनके साथ सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और आला अधिकारी भी मौजूद रहे।

अब थमेगी बाढ़ की तबाही, किसानों के खेतों तक पहुंचेगा पानी
सीएम सम्राट चौधरी ने इस परियोजना की खूबियां बताते हुए कहा कि यह लिंक चैनल बागमती नदी के अतिरिक्त जल को बूढ़ी गंडक नदी तक पहुंचाने का एक बेहद महत्वपूर्ण माध्यम है। मानसून के दिनों में बागमती नदी का जो अतिरिक्त पानी गांवों में तबाही मचाता था, उसे अब इस चैनल के जरिए सुरक्षित तरीके से मोड़ दिया जाएगा, जिससे इलाके में बाढ़ की तीव्रता काफी कम हो जाएगी। वहीं दूसरी ओर, सूखे के मौसम में इसी पानी का उपयोग खेतों की सिंचाई के लिए किया जा सकेगा। सही समय पर पानी मिलने से किसानों की कृषि उत्पादकता बढ़ेगी, जिससे उनकी आमदनी में बड़ा इजाफा होगा। इसके साथ ही क्षेत्र में मछली पालन सहित खेती से जुड़ी अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और जमीन के नीचे का जलस्तर सुधरने से पर्यावरण को भी नई मजबूती मिलेगी।
शिवहर को मिली 200 करोड़ की योजनाओं की बड़ी सौगात
नदी जोड़ो परियोजना के साथ ही सीएम सम्राट चौधरी ने शिवहर जिले के विकास के लिए पिटारा खोलते हुए कुल 200 करोड़ रुपये की 40 बड़ी विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें से 22 योजनाएं ऐसी हैं जिनका निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और उन्हें जनता को सौंप दिया गया है, जबकि 18 नई योजनाओं की आधारशिला रखी गई है जिन पर जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री ने जीविका, कृषि, उद्योग, शिक्षा विभाग और बिहार पुलिस की विशेष टीम (अभया ब्रिगेड एवं साइबर क्राइम) के स्टॉलों का भी जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

जीविका दीदियों के लिए 25 करोड़ से ज्यादा की आर्थिक मदद
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री ने मंच से शिवहर जिले के 4550 जीविका स्वयं सहायता समूहों को 25 करोड़ 35 लाख रुपये का सिंबोलिक चेक प्रदान किया। इस राशि से ग्रामीण महिलाएं अपने छोटे उद्योगों और स्वरोजगार को आगे बढ़ाकर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब हमारे किसान और महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगे।
समारोह में जुटे सरकार और प्रशासन के दिग्गज
इस ऐतिहासिक मौके पर केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन सहित स्थानीय सांसद लवली आनंद और देवेश चंद्र ठाकुर मौजूद रहे। प्रशासनिक स्तर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार और जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह समेत तिरहुत प्रमंडल के तमाम आला अधिकारी, इंजीनियर और बड़ी संख्या में स्थानीय आम लोग उपस्थित थे।


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