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Patna : बिहार के स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि मिड डे मील की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। बच्चों को सुरक्षित, पौष्टिक और गर्म भोजन उपलब्ध कराना सभी संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। विकास भवन स्थित शिक्षा विभाग के सभागार में रविवार को मध्याह्न भोजन योजना से जुड़ी स्वयंसेवी संस्थाओं और आपूर्तिकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक हुई। बैठक में योजना के संचालन, भोजन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई।
3 से 4 घंटे में बच्चों तक पहुंचे भोजन
शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिया कि भोजन तैयार होने से लेकर बच्चों को परोसे जाने तक की पूरी प्रक्रिया अधिकतम 3 से 4 घंटे के भीतर पूरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई जगहों से 7 से 8 घंटे पहले तैयार भोजन बच्चों को परोसे जाने की शिकायतें मिल रही हैं। यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है। बच्चों को हर हाल में ताजा और गर्म भोजन मिलना चाहिए। उन्होंने सभी सेंट्रलाइज्ड किचेन संचालित करने वाली संस्थाओं को अगले दो माह में स्टील के बर्तनों की जगह इंसुलेटेड बर्तनों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। इससे भोजन को लंबे समय तक गर्म रखने में मदद मिलेगी।
हर प्रखंड में सेंट्रलाइज्ड किचेन पर जोर
मंत्री ने हर प्रखंड में सेंट्रलाइज्ड किचेन की व्यवस्था करने पर जोर दिया। बड़े प्रखंडों में जरूरत के अनुसार दो किचेन खोलने की बात कही गई, ताकि स्कूलों तक भोजन पहुंचाने में अधिक समय न लगे। मिड डे मील की निगरानी अब और सख्त होगी। प्रखंड साधनसेवी नियमित रूप से व्यवस्था की निगरानी करेंगे और भोजन की तस्वीर पोर्टल पर अपलोड करेंगे। सेंट्रलाइज्ड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से भी पूरी व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी।
संस्थाओं को खुद मजबूत करनी होगी निगरानी
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मिड डे मील संचालित करने वाली संस्थाएं अपनी निगरानी व्यवस्था मजबूत करें। किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की भूमिका की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग इस बात पर भी विचार कर रहा है कि भोजन बनाने और वितरण की जिम्मेदारी एक ही संस्था को दी जाए। इससे जवाबदेही तय करने में आसानी होगी और व्यवस्था में सुधार आएगा। मंत्री ने कहा कि बेहतर काम करने वाली संस्थाओं का सरकार ध्यान रखेगी। संचालन से जुड़ी किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल मध्याह्न भोजन निदेशक को देने का निर्देश दिया गया।
बैठक में मध्याह्न भोजन निदेशक सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। 43 में से 41 स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया।
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