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Ranchi : झारखंड में डिजिटल सुविधाओं का दायरा अब गांवों और दूर-दराज के इलाकों तक बढ़ाने की तैयारी है। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि डिजिटल झारखंड का सपना तभी पूरा होगा, जब तकनीक का लाभ शहरों तक सीमित न रहकर राज्य के अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने अगले तीन वर्षों में राज्य की सभी पंचायतों को 5G नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य तय करने का निर्देश दिया। सीएम हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग के कामकाज और विभिन्न योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में डिजिटल सेवाओं के विस्तार, साइबर सुरक्षा, डेटा प्रबंधन, सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण और आईटी आधारित योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
इंटरनेट शैडो क्षेत्रों की होगी पहचान
सीएम हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को राज्यभर में इंटरनेट शैडो क्षेत्रों की पहचान करने का निर्देश दिया। ये वे इलाके हैं, जहां इंटरनेट की सुविधा नहीं है या नेटवर्क बेहद कमजोर है। उन्होंने कहा कि कोई भी गांव, कस्बा या शहर डिजिटल सेवाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने इन क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से नेटवर्क विस्तार के लिए ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा। बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी से ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सुविधाओं का लाभ लोगों तक तेजी से पहुंच सकेगा।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की होगी मैपिंग
सीएम हेमंत सोरेन ने झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड के कामकाज की समीक्षा करते हुए राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यापक मैपिंग कराने का निर्देश दिया। इससे यह पता लगाया जाएगा कि किस क्षेत्र में डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं और कहां नए इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। बैठक में भारतनेट फेज-3, कनेक्टिंग झारखंड और स्टेट वाइड नेटवर्क JharNet 2.0 जैसी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत और सुरक्षित डिजिटल नेटवर्क सरकारी कामकाज को तेज और बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
सभी विभागों का डेटा एक सिस्टम में लाने की तैयारी
बैठक में ‘चीफ मिनिस्टर डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म’ के विकास पर भी चर्चा हुई। इसके जरिए विभिन्न विभागों के डेटा और पोर्टलों का एकीकृत आकलन किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के डेटा को केंद्रीकृत प्रणाली से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने झारखंड स्टेट डेटा सेंटर को और मजबूत बनाने तथा डेटा की सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साइबर सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने सभी विभागों में नियमित सुरक्षा ऑडिट कराने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं के ऑनलाइन होने के साथ डेटा की सुरक्षा भी बेहद जरूरी है।
हर विभाग और जिले में आईटी अधिकारी होंगे
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक विभाग और जिले में आईटी अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी विभागों में फोटोयुक्त डिजिटल सक्सेशन चार्ट तैयार कर उसे नियमित रूप से अपडेट रखने को कहा। बैठक में पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी नेटवर्क, Lidar और सैटेलाइट आधारित परियोजनाओं की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।
न्यायालयों में बेहतर साउंड सिस्टम का सुझाव
सीएम हेमंत सोरेन ने सभी जिला न्यायालयों में उच्च गुणवत्ता वाले साउंड सिस्टम लगाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और वादकारियों के बीच संवाद स्पष्ट और सुगम होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य का विकास केवल आईटी पार्क बनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। आईटी उद्योग, स्टार्टअप, नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर पैदा करने होंगे। मुख्यमंत्री ने निवेश आकर्षित करने के लिए व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। बैठक में मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना की प्रगति की भी जानकारी दी गई। वहीं, जैप-आईटी में खाली पदों को जल्द भरने और सभी आईटी परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव पूजा सिंघल, विशेष सचिव सुनील कुमार सिंह, निदेशक आईटी माधवी मिश्रा, सीईओ जैप-आईटी चंदन कुमार समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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