अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
News Samvad : देशभर में मानसून अब अपने सबसे सक्रिय दौर में पहुंच चुका है। लगातार हो रही भारी बारिश ने कई राज्यों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं सड़कें पानी में डूबी हैं तो कहीं नदियां उफान पर हैं। कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव जैसी स्थिति बनने लगी है। मौसम विभाग ने अगले चार से छह दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की चेतावनी दी है। ऐसे में प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है।
बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर, कई राज्यों में होगी तेज बारिश
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है। इसके असर से इन राज्यों के अलावा मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक कई जगहों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। भारी बारिश की आशंका को देखते हुए मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन को संभावित बाढ़, जलभराव और आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। साथ ही कई नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी होने की संभावना भी जताई गई है। लगातार बारिश का असर अब उद्योगों तक भी पहुंच गया है। गुजरात में मूसलाधार बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति के कारण टाटा मोटर्स के साणंद संयंत्र सहित आसपास की कई ऑटो पार्ट्स बनाने वाली इकाइयों में पानी भर गया। इसके चलते उत्पादन को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा है। उद्योग जगत को चिंता है कि यदि बारिश का यही सिलसिला जारी रहा तो ऑटोमोबाइल सेक्टर की सप्लाई चेन पर भी असर पड़ सकता है।
चारधाम यात्रा पर ब्रेक, स्कूल भी बंद
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन ने चारधाम यात्रा को भी प्रभावित किया है। कई जगहों पर पहाड़ों से मलबा गिरने और सड़कें बंद होने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए चारधाम यात्रा दो दिनों के लिए स्थगित कर दी है। इसी के साथ चंपावत, बागेश्वर और टिहरी जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को एहतियातन बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक जरूरी न हो, यात्रा करने से बचें। मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करें और नदी-नालों, पहाड़ी ढलानों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से बचें। आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी गई है।
अगले कुछ दिन रहेंगे चुनौतीपूर्ण
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून फिलहाल कमजोर पड़ने के संकेत नहीं दे रहा है। अगले कुछ दिनों तक देश के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में जिन इलाकों में पहले से जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति है, वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। प्रशासन भी लगातार हालात की निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
इसे भी पढ़ें : पति के नाम से फर्जी ID बना महिला को फंसाया, फिर शुरू किया गंदा खेल

