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Patna : डिप्टी सीएम सह वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बैंकों को दो टूक हिदायत दी है कि आम लोगों, किसानों और छोटे कारोबारियों को कर्ज देने में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजधानी पटना में आयोजित राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 98वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का पैसा पात्र लोगों तक हर हाल में पहुंचना चाहिए। उन्होंने बैंक अधिकारियों से साफ कहा कि शाखाओं के चक्कर काटने वाले जरूरतमंदों के लोन आवेदन बिना ठोस वजह के न लटकाए जाएं और जनता से जुड़ी शिकायतों को तुरंत सुलझाया जाए। बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा और राज्य के आला प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
खेती-किसानी और महिलाओं के स्वावलंबन को दें प्राथमिकता
डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बैठक में जोर देकर कहा कि बिहार की तरक्की का रास्ता गांवों और खेतों से होकर गुजरता है। उन्होंने बैंकों से कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड, डिजिटल केसीसी के साथ-साथ पशुपालन और मछली पालन से जुड़े किसानों को बिना किसी रुकावट के पूंजी मिलनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने जीविका समूह की दीदियों के आर्थिक सशक्तिकरण की बात दोहराई। डिप्टी सीएम ने निर्देश दिया कि स्वयं सहायता समूहों को बैंक लिंकेज से जोड़ने के साथ-साथ महिलाओं को अपना व्यक्तिगत कारोबार शुरू करने के लिए भी लोन मुहैया कराया जाए। उन्होंने मुद्रा योजना, पीएम विश्वकर्मा, पीएम स्वनिधि और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं के तहत आने वाले आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर तेजी से निपटारा करने को कहा।

जिन गांवों में बैंक नहीं, वहां खुलेगा खाता… बकाएदारों से वसूली भी तेज
डिप्टी सीएम ने राज्य के जिलों में साख-जमा अनुपात यानी सीडी रेशियो को सुधारने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि जिन राजस्व गांवों में अब तक बैंकिंग सुविधाएं नहीं पहुंची हैं, वहां जल्द से जल्द नए बैंकिंग आउटलेट खोले जाएं और महिला बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट्स की भागीदारी बढ़ाई जाए। गांव-गांव तक पीओएस मशीनें लगाकर डिजिटल भुगतान को मजबूत करने के भी निर्देश दिए गए। इसके साथ ही डिप्टी सीएम ने बैंकों के बढ़ते एनपीए पर भी बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जानबूझकर कर्ज दबाने वालों और बड़े बकाएदारों से वसूली के लिए नीलाम-पत्र वादों और सरफेसी एक्ट के मामलों को तेजी से निपटाया जाए, ताकि बैंकों की वित्तीय स्थिति भी मजबूत बनी रहे।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं, पोर्टल पर आने वाली शिकायतों पर तुरंत हो एक्शन
बैठक में डिप्टी सीएम ने बैंकिंग सेवाओं को लेकर जनता की शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सचिवालय के ई-कंप्लायंस डैशबोर्ड, सहयोग पोर्टल और केंद्र के सीपी ग्राम्स पोर्टल पर आने वाली हर शिकायत का त्वरित समाधान दिखना चाहिए। कागजी खानापूर्ति करने के बजाय फील्ड में काम नजर आना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने जनधन खातों की दोबारा केवाईसी करने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे अटल पेंशन व जीवन ज्योति बीमा का दायरा बढ़ाने और बाढ़ या सुखाड़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के वक्त किसानों के कर्ज पुनर्गठन के लिए बैंकों को हमेशा तैयार रहने का निर्देश दिया।
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