अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : अमूमन सरकारी दफ्तरों और कॉर्पोरेट की फाइलों में अंग्रेजी का बोलबाला दिखता है, लेकिन जब अपनी भाषा का तड़का लगता है तो काम न सिर्फ आसान होता है बल्कि उससे एक अपनापन भी झलकता है। कुछ ऐसा ही माहौल दरभंगा हाउस स्थित CCL यानी सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के मुख्यालय में देखने को मिला, जहां राजभाषा कार्यान्वयन समिति की तिमाही बैठक में हिंदी के बढ़ते कदमों और इसकी खूबसूरती पर खुलकर चर्चा हुई। बैठक की कमान CCL के निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र के हाथों में थी। इस मौके पर उनके साथ महाप्रबंधक (राजभाषा) अशोक कुमार समेत अलग-अलग विभागों के प्रमुख, नोडल अफसर और दूर-दराज़ के क्षेत्रों से आए प्रतिनिधि एक मंच पर नज़र आए।
तीन महीनों का हिसाब-किताब और उपलब्धियों का ब्योरा
समारोह की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई, जिसके बाद उप-प्रबंधक (राजभाषा) दिविक दिवेश ने प्रेजेंटेशन के जरिए पिछली तिमाही की पूरी तस्वीर सामने रखी। उन्होंने बताया कि कैसे दफ्तरी कामकाज में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं बनाई गईं और उनके क्या नतीजे रहे। प्रगति रिपोर्ट के जरिए यह देखा गया कि कार्यालयों में हिंदी का प्रयोग कितना बढ़ा है और कहाँ-कहाँ सुधार की गुंजाइश है।
‘हिंदी सिर्फ बात करने का जरिया नहीं, हमारी पहचान है’
कार्यक्रम में महाप्रबंधक अशोक कुमार ने बड़ी सहजता से अपनी बात रखते हुए कहा कि हिंदी को सिर्फ संवाद का जरिया मानना भूल होगी, क्योंकि यह तो हमारे समाज, हमारी संस्कृति और हमारी राष्ट्रीय पहचान का आईना है। इसमें हमारी सोच और भावनाएं बिल्कुल साफ और सहज रूप से दिखाई देती हैं। वहीं, अपने अध्यक्षीय भाषण में निदेशक हर्ष नाथ मिश्र ने कहा कि अगर दफ्तरी काम को आसान और असरदार बनाना है तो हिंदी से बेहतर कोई जरिया नहीं है। जब हम अपने रोज़मर्रा के कामों में हिंदी को तरजीह देंगे, तो न केवल सरकारी नियम पूरे होंगे बल्कि आपस में तालमेल भी बेहतर होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदी में काम करना महज एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि देश की सेवा जैसा है, जिससे हमारी सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय एकता मजबूत होती है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे हिंदी को अपनी आदत और दफ्तरी संस्कृति का हिस्सा बनाएं।
जिन्होंने बढ़ाया हिंदी का मान, उन्हें मिला सम्मान
बैठक में केवल चर्चा ही नहीं हुई, बल्कि उन विभागों और क्षेत्रों की पीठ भी थपथपाई गई जिन्होंने पिछली तिमाही में हिंदी को बढ़ावा देने में बेहतरीन काम किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन, नए नवाचारों और अनुकरणीय प्रयासों के लिए कल्याण विभाग, सामान्य प्रशासन और प्रणाली विभाग को विशेष प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा बोकारो एवं करगली क्षेत्र, कथारा क्षेत्र, ढोरी क्षेत्र, कल्याण एवं सेवाएं विभाग, मानव संसाधन एवं औद्योगिक संबंध विभाग, सुरक्षा विभाग, मानव संसाधन विकास विभाग, औद्योगिक अभियंत्रण विभाग, भूगर्भ विभाग, श्रम शक्ति विभाग, समाधान सेल और भर्ती विभाग को प्रशंसा पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। बैठक के अंत में सबने एक सुर में यह संकल्प लिया कि दफ्तर के कामों में अपनी भाषा का इस्तेमाल और बढ़ाएंगे तथा इसे एक नई ऊँचाई पर लेकर जाएंगे।
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