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Patna : बिहार में सड़कों और पुलों की स्थिति बेहतर बनाने के लिए पथ निर्माण विभाग पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में पटना में विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में एक अहम समीक्षा बैठक बुलाई गई। बैठक का मुख्य मकसद विक्रमशिला सेतु के पुनर्निर्माण, बेली ब्रिज की स्थिति और बियरिंग जांच समेत तमाम तकनीकी पहलुओं को परखना था। सचिव ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को स्पष्ट चेतावनी दी कि काम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि जो समय सीमा तय की गई है, उसी के भीतर हर हाल में काम पूरा करना होगा।
25 अगस्त तक पहुंचेगी सामग्री, फिर शुरू होगा स्पैन तोड़ने का काम
बैठक के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि पुल की मरम्मत से जुड़ी निर्माण सामग्री साइट पर तेजी से पहुंचाई जा रही है। इस काम को 25 अगस्त तक पूरा करने के लिए एक विशेष टीम तैनात की गई है। जैसे ही सामग्री साइट पर पहुंच जाएगी और विक्रमशिला सेतु पर यातायात पूरी तरह रोक दिया जाएगा, वैसे ही स्पैन तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस पूरी कवायद के दौरान आईआईटी पटना की जांच रिपोर्ट पर भी बारीकी से विचार-विमर्श किया गया।
सेतु के बियरिंग और जॉइंट्स की मरम्मत के काम को सबसे पहली प्राथमिकता पर रखने का निर्देश दिया गया है, साथ ही बेली ब्रिज को हटाने की योजना पर भी सहमति बनी है। विभाग का पूरा जोर विक्रमशिला सेतु को 30 नवंबर तक हर हाल में पुरानी स्थिति में बहाल करने पर है, ताकि आम लोगों को आने-जाने में कोई दिक्कत न हो।

सुल्तानगंज-अगुवानी घाट पुल का काम भी पकड़ेगा रफ्तार
विक्रमशिला सेतु के जायजे के बाद सचिव पंकज कुमार पाल ने सुल्तानगंज-अगुवानी घाट गंगा पुल परियोजना की प्रगति की भी गहराई से समीक्षा की। यह परियोजना भागलपुर और खगड़िया जिलों को आपस में जोड़ने वाले एक बेहद महत्वपूर्ण 4-लेन केबल स्टे पुल के रूप में तैयार हो रही है। इस परियोजना के बन जाने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को एक नई दिशा मिलेगी।
परियोजना की पहुंच पथ यानी एप्रोच रोड की कुल लंबाई 20.3 किलोमीटर है और इसका निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सचिव ने बचे हुए काम को जल्द से जल्द निपटाने का निर्देश दिया। इस समीक्षा के दौरान निर्माण एजेंसी ने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि पूर्व निर्धारित समय सीमा यानी नवंबर 2027 तक पूरे पुल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
बेहतर तालमेल और गुणवत्ता पर रहेगा खास जोर
सचिव ने बैठक के अंत में सभी अभियंताओं और एजेंसियों को आपस में बेहतर तालमेल बनाकर नियमित रूप से काम की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि समय पर काम पूरा करने के साथ-साथ गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। निर्माण कार्यों में जरा सी भी लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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