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Sahebganj (Jaydev Kumar) : पश्चिम बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध रखने के आरोप में एक युवक की गिरफ्तारी के बाद जांच की आंच अब झारखंड के साहिबगंज तक पहुंच गई है। शुक्रवार को पश्चिम बंगाल STF यानी स्पेशल टास्क फोर्स ने बर्दवान जिले से 24 वर्षीय हमीम मंडल को गिरफ्तार किया। इसके कुछ ही घंटों बाद टीम ने साहिबगंज जिले के बरहरवा थाना क्षेत्र के ग्वालखोर के वेवतपुर गांव में दबिश देकर अर्पिता सरकार को हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि अर्पिता, हमीम मंडल की कथित प्रेमिका की सहेली है। फिलहाल एसटीएफ उसे अपने साथ पश्चिम बंगाल ले गई है, जहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी।
गिरफ्तारी के बाद सीधे साहिबगंज पहुंची STF
हमीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां उसके मोबाइल, डिजिटल रिकॉर्ड और संपर्कों की पड़ताल में जुट गईं। इसी दौरान साहिबगंज के बरहरवा की रहने वाली अर्पिता सरकार का नाम सामने आया। इसके बाद पश्चिम बंगाल एसटीएफ की टीम झारखंड पहुंची और स्थानीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए अर्पिता को हिरासत में ले लिया। पूरी कार्रवाई पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने की। अब उसे बर्दवान ले जाकर अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी।
टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल बनकर रह रहा था हमीम
जांच एजेंसियों के मुताबिक, हमीम मंडल को बर्दवान के रेनेसां हाउसिंग कॉम्प्लेक्स से गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से कई अहम दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्री बरामद होने की बात कही गई है। सूत्रों का कहना है कि वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था और खुद को टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल बताकर सामान्य जीवन जी रहा था।
जम्मू-कश्मीर तक जुड़े होने का शक
एसटीएफ को शुरुआती जांच में शक है कि हमीम मंडल के तार जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि कहीं उसके संपर्क 2019 के पुलवामा हमले के कथित मास्टरमाइंड सज्जाद भट और अन्य संदिग्ध तत्वों से तो नहीं थे। हालांकि जांच अभी शुरुआती चरण में है और एजेंसियों ने इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
कई संवेदनशील जानकारियां मिलने का दावा
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान हमीम मंडल के पास से पश्चिम बंगाल के कुछ प्रमुख राजनीतिक नेताओं और संगठनों से जुड़े लोगों की गतिविधियों संबंधी जानकारियां भी मिली हैं। अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये जानकारियां किस मकसद से जुटाई गई थीं। इस बात की भी जांच हो रही है कि कहीं संभावित लक्ष्यों की रेकी तो नहीं की जा रही थी।
अर्पिता से पूछताछ में मिल सकते हैं अहम सुराग
जांच एजेंसियों का मानना है कि अर्पिता सरकार से पूछताछ के दौरान हमीम मंडल के संपर्कों, उसके आने-जाने और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। हालांकि फिलहाल अर्पिता की भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। एजेंसियां यह स्पष्ट करने में जुटी हैं कि वह इस मामले में कितनी और किस तरह से जुड़ी हुई थी।
जांच पूरी होने के बाद ही होगी स्थिति साफ
पूरे मामले की जांच अभी जारी है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित नेटवर्क कितना बड़ा था और इसके तार किन राज्यों तथा किन लोगों तक फैले हुए थे। फिलहाल हमीम मंडल और अर्पिता सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं। इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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