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Patna : बिहार में घर खरीदारों के हितों की रक्षा और रियल एस्टेट सेक्टर में कारोबार को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सीएम सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के कामकाज की समीक्षा की। बैठक में सीएम ने निर्देश दिए कि रेरा की पूरी व्यवस्था को पारदर्शी, सरल और पूरी तरह तकनीक पर आधारित बनाया जाए, ताकि खरीदारों को अपने हक के लिए भटकना न पड़े।
सरकारी डैशबोर्ड से जुड़ेगा रेरा, सीधे होगी मॉनिटरिंग
सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रेरा के कामकाज को राज्य सरकार के डिजिटल प्लेटफॉर्म और डैशबोर्ड से जोड़ा जाए। इससे कौन सा मामला कितने समय से पेंडिंग है, कितनों का निपटारा हुआ और फाइलें कहां रुकी हैं, इसकी सीधी मॉनिटरिंग हो सकेगी। उन्होंने कहा कि प्रक्रियाओं में बेवजह की देरी को पूरी तरह खत्म किया जाए। प्रमोटर्स और डेवलपर्स को नियमों के दायरे में काम करने के लिए अनुकूल माहौल मिले, जिससे अटकी हुई परियोजनाओं के निर्माण में तेजी आ सके।

शिकायतों का तय समय में होगा समाधान, बढ़ेगा खरीदारों का भरोसा
सीएम सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि रियल एस्टेट में सुधार का सबसे बड़ा मकसद आम घर खरीदार के अधिकारों की सुरक्षा है। खरीदारों की शिकायतों का समाधान संवेदनशीलता और तय समय के भीतर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब नियामक व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह होगी, तो आम लोगों का भरोसा बढ़ेगा। इससे न केवल घर खरीदार सुरक्षित महसूस करेंगे, बल्कि राज्य के रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश और व्यापार के लिए भी सकारात्मक वातावरण तैयार होगा।

देश में सबसे बेहतर स्थिति में रेरा की व्यवस्था : अध्यक्ष
बैठक के दौरान रेरा के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने एक प्रेजेंटेशन के जरिए संस्था के कामकाज और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिहार में रेरा की प्रक्रियाओं को काफी सरल और पारदर्शी बनाया गया है। देश के अन्य राज्यों की तुलना में यहां की संस्थागत व्यवस्था बहुत बेहतर है।
इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और संजय कुमार सिंह समेत रेरा के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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