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Patna : बिहार में सहकारिता व्यवस्था को मजबूत और हाईटेक बनाने की दिशा में सरकार ने नई पहल शुरू कर दी है। सीएम सम्राट चौधरी ने शनिवार को बिहार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि अब सहकारी बैंकों को समय के साथ बदलना होगा। उन्होंने कहा कि नई तकनीक, बेहतर प्रबंधन और प्रभावी योजनाओं के जरिए सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाया जाए, ताकि किसानों को सीधा फायदा मिले और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिल सके। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में हुई बैठक में सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली, आधुनिकीकरण, कार्यकुशलता और लोगों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
सहकारी बैंकों के अपग्रेडेशन की बनेगी कार्ययोजना
सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिहार के सहकारी बैंकों को अधिक सक्षम और प्रतिस्पर्धी बनाया जाए। इसके लिए जल्द से जल्द विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं को आधुनिक बनाने के साथ-साथ ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे ग्रामीण इलाकों के लोगों को भी बेहतर और तेज बैंकिंग सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक सिर्फ वित्तीय संस्थान नहीं हैं, बल्कि गांवों की आर्थिक मजबूती का अहम आधार भी हैं। इसलिए इनके विकास पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

पैक्स में बढ़ेंगे नए सदस्य, कानून में बदलाव की तैयारी
बैठक के दौरान सीएम ने ग्रामीण सहकारिता व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पैक्सों में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की जरूरत है। इसके लिए अगर कानून में संशोधन की आवश्यकता हो तो उसका प्रस्ताव तैयार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सहकारिता व्यवस्था जितनी मजबूत होगी, किसानों को उतना ही अधिक लाभ मिलेगा। सरकार का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। इसी सोच के साथ आगे काम किया जाए।
नई तकनीक और बेहतर प्रबंधन पर रहेगा जोर
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बदलते दौर में सहकारिता संस्थाओं को भी नई तकनीक अपनानी होगी। डिजिटल सुविधाएं, बेहतर प्रबंधन और प्रभावी योजनाएं लागू करने से सहकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता बढ़ेगी। इससे किसानों को ऋण, बचत और अन्य बैंकिंग सेवाएं पहले से अधिक आसान और पारदर्शी तरीके से मिल सकेंगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए लगातार निगरानी और सुधार की जरूरत है।
बिस्कोमान को और आकर्षक बनाने के निर्देश
बैठक में सीएम ने पटना के प्रमुख व्यावसायिक और सहकारी संस्थान बिस्कोमान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिस्कोमान राजधानी पटना की पहचान है। इसकी इमारत और आसपास की व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए ताकि यह देखने में अधिक सुंदर, व्यवस्थित और आकर्षक लगे।
बैठक में ये रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ. वीरेन्द्र प्रसाद यादव, बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष रमेश चन्द्र चौबे, बिस्कोमान के अध्यक्ष विशाल सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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