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Ranchi : खदानों में जिंदगी भर मेहनत करने वाले कर्मचारियों की सबसे बड़ी चिंता रिटायरमेंट के बाद की होती है। नियमित पेंशन मिलेगी या नहीं, इलाज का खर्च कैसे चलेगा, कागजी प्रक्रिया में कहीं महीनों तक चक्कर तो नहीं लगाने पड़ेंगे। इन सवालों को ध्यान में रखते हुए CIL यानी कोल इंडिया लिमिटेड ने अपने रिटायर्ड कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए कई बड़ी पहल की है। इन फैसलों का फायदा देशभर के 4.5 लाख से अधिक रिटायर्ड कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिल रहा है। कंपनी का कहना है कि जिन लोगों ने दशकों तक देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई, उनके सम्मान और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिकायत निवारण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत किया गया है।
अब पेंशन के लिए नहीं करनी पड़ेगी लंबी भागदौड़
रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ी परेशानी अक्सर पेंशन और अन्य भुगतान में होने वाली देरी होती है। इसे खत्म करने के लिए सीआईएल ने CMPFO यानी कोल माइंस प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन के साथ मिलकर सी-केयर्स डिजिटल प्लेटफॉर्म को मजबूत बनाया है। पहले जहां रिटायरमेंट से जुड़े दावों के निपटारे में औसतन एक महीना लग जाता था, वहीं अब यह प्रक्रिया करीब 10 दिनों में पूरी हो रही है। इतना ही नहीं, कोशिश यह है कि कर्मचारी के रिटायर होने वाले दिन ही उसका पेंशन भुगतान आदेश जारी हो जाए और भविष्य निधि से जुड़े भुगतान भी समय पर मिल जाएं। आने वाले दिनों में पेंशन संशोधन और संशोधित पीपीओ की पूरी प्रक्रिया भी ऑनलाइन और पूरी तरह पेपरलेस हो जाएगी।

न्यूनतम पेंशन बढ़ी, हजारों परिवारों को मिली राहत
कोल माइंस पेंशन योजना के तहत 8 मार्च 2024 से न्यूनतम मासिक पेंशन बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दी गई है। इस फैसले से करीब 40 हजार पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिला है। खासकर उन रिटायर्ड खनिकों और उनके परिवारों को राहत मिली है, जिनकी आय सीमित थी और जो पूरी तरह पेंशन पर निर्भर हैं। संशोधित पीपीओ में अब पात्र जीवनसाथी का नाम भी शामिल किया जा रहा है। इसका फायदा यह होगा कि कर्मचारी के निधन के बाद पारिवारिक पेंशन जारी करने में अनावश्यक देरी नहीं होगी। बैंक भी सामान्य मामलों में अलग से मंजूरी का इंतजार किए बिना पेंशन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
हर कंपनी में बने विशेष सहायता केंद्र
रिटायर्ड कर्मचारियों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इसके लिए कोल इंडिया मुख्यालय और उसकी सभी अनुषंगी कंपनियों में पोस्ट रिटायरमेंट बेनिफिट (पीआरबी) सेल बनाए गए हैं। ये सेल रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए एक ही जगह पर जानकारी, मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। चाहे पेंशन का मामला हो, मेडिकल सुविधा की जानकारी हो या किसी शिकायत का समाधान, हर काम के लिए अब एक तय संपर्क केंद्र उपलब्ध है।
इलाज की चिंता भी काफी हद तक खत्म
बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य सबसे बड़ी जरूरत बन जाता है। इसे देखते हुए सीआईएल ने अपनी CPRMS यानी अंशदायी सेवानिवृत्ति उपरांत चिकित्सा योजना को और मजबूत किया है। इस योजना के तहत पंजीकृत करीब 1.13 लाख रिटायर्ड कर्मचारियों को देशभर के 532 सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है। रिटायर्ड अधिकारियों के लिए 25 लाख रुपये तक और गैर-अधिकारियों के लिए 8 लाख रुपये तक का चिकित्सा कवर उपलब्ध है। गंभीर बीमारियों के इलाज पर होने वाला खर्च इन सीमाओं से अलग रखा गया है, ताकि इलाज के दौरान आर्थिक बोझ इलाज में बाधा न बने।
पीएफ और पेंशन वितरण में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी
CIL की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2025-26 में कर्मचारियों को मिलने वाली वित्तीय सहायता में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान प्रोविडेंट फंड का वितरण 19.5 प्रतिशत बढ़कर 13,608.8 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 11,391.6 करोड़ रुपये था। इसी तरह पेंशन वितरण भी 22.9 प्रतिशत बढ़कर 6,427 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वर्ष यह राशि 5,229.1 करोड़ रुपये थी। यानी सिर्फ एक साल में पीएफ और पेंशन वितरण में कुल 3,415.1 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बताता है कि कंपनी अपने पूर्व कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा को लगातार मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है।
सिर्फ पेंशन नहीं, सम्मानजनक जीवन पर भी जोर
कोल इंडिया केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। कंपनी अपने सूचीबद्ध हॉलीडे होम्स की सुविधा भी रिटायर्ड कर्मचारियों को उपलब्ध कराती है, ताकि वे परिवार के साथ समय बिता सकें और सामाजिक रूप से एक्टिव रहें। कोल इंडिया अब रिटायरमेंट को नौकरी का अंत नहीं, बल्कि सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन की नई शुरुआत के रूप में देख रही है। पेंशन, बेहतर इलाज, आसान डिजिटल व्यवस्था और संस्थागत सहयोग के जरिए कंपनी अपने पूर्व कर्मचारियों के साथ लंबे समय तक जुड़ाव बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
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